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नई दिल्ली। जोमैटो के सह-संस्थापक और एटरनल के संस्थापक दीपेंदर गोयल अब हेल्थ और न्यूरो-टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी कदम बढ़ा रहे हैं। उनकी कंपनी द्वारा विकसित किया जा रहा ‘टेंपल’ (Temple) एक नया वियरेबल डिवाइस है, जिसे सिर के कनपटी के पास पहनने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य मस्तिष्क में रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन से जुड़े संकेतों की निगरानी करना है।

पहले मॉडल से आधे से भी छोटा हुआ डिवाइस

दीपेंदर गोयल ने 21 अगस्त को टेंपल के नए डिजाइन की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक नया मॉडल पहले दिखाए गए संस्करण की तुलना में आकार में आधे से भी छोटा है। कंपनी का दावा है कि कम आकार के बावजूद इसमें न्यूरो-डेटा मॉनिटरिंग की क्षमता बरकरार रखी गई है।

कंपनी के अनुसार लिमिटेड लॉन्च एडिशन के लिए प्री-ऑर्डर जल्द शुरू किए जा सकते हैं, जबकि डिलीवरी 2026 के अंत से पहले शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक कीमत और शुरुआती बिक्री में उपलब्ध यूनिट की संख्या स्पष्ट नहीं की गई है।

क्या है ‘टेंपल’ और कैसे करेगा काम?

टेंपल को सामान्य स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड से अलग तरह के हेल्थ वियरेबल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसे सिर के कनपटी वाले हिस्से पर लगाया जाता है। इसका मुख्य फोकस सेरेब्रल ब्लड फ्लो यानी मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह और ऑक्सीजन से जुड़े संकेतों को ट्रैक करना है।

इस तरह का डेटा शरीर और मस्तिष्क की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद कर सकता है। कंपनी की योजना इसे एथलीट्स, वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, क्रिएटर्स और उन लोगों के लिए उपयोगी बनाने की है जो अपने शारीरिक और मानसिक प्रदर्शन को डेटा के जरिए समझना चाहते हैं।

नींद, तनाव और फोकस का डेटा भी मिल सकता है?

टेंपल को लेकर उपलब्ध जानकारी में मस्तिष्क की गतिविधि, रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन से जुड़े संकेतों की निगरानी की बात सामने आई है। भविष्य में ऐसे डेटा का इस्तेमाल फोकस, तनाव, नींद, रिकवरी और मानसिक प्रदर्शन जैसे पहलुओं को समझने के लिए किया जा सकता है।

हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि इन संभावित उपयोगों को किसी बीमारी की जांच या इलाज के बराबर नहीं माना जा सकता। डिवाइस की सेंसर तकनीक, सटीकता और क्लिनिकल उपयोगिता को लेकर विस्तृत स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इससे मिलने वाले डेटा को मेडिकल डायग्नोसिस समझना उचित नहीं होगा।

मई में 100 डिवाइस के साथ शुरू हुआ था शुरुआती परीक्षण

टेंपल का शुरुआती एक्सेस मई 2026 में शुरू किया गया था। उस समय गोयल ने बताया था कि शुरुआती चरण के लिए करीब 100 डिवाइस तैयार किए गए हैं। एथलीट्स, वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, संस्थापकों और क्रिएटर्स जैसे चुनिंदा लोगों को शुरुआती उपयोगकर्ताओं के तौर पर शामिल किया गया, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में डिवाइस से फीडबैक हासिल किया जा सके।

अगस्त में सामने आया छोटा मॉडल इसी परियोजना के अगले चरण का हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी अब इसे सीमित व्यावसायिक लॉन्च की ओर ले जाने की तैयारी कर रही है।

पीवी सिंधु के माथे पर भी नजर आया टेंपल

पीवी सिंधु के माथे पर भी टेंपल डिवाइस नजर आने के बाद इसे लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी। खेल जगत में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, रिकवरी और प्रदर्शन से जुड़े डेटा को समझने के लिए किया जा सकता है।

हालांकि, किसी खिलाड़ी द्वारा डिवाइस पहने जाने मात्र से यह साबित नहीं होता कि डिवाइस की सभी मेडिकल या परफॉर्मेंस क्षमताएं वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो चुकी हैं।

कितनी हो सकती है कीमत?

टेंपल की आधिकारिक लॉन्च कीमत अभी घोषित नहीं की गई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसकी शुरुआती कीमत लगभग 75,000 से 80,000 रुपये के बीच होने का अनुमान लगाया गया है, लेकिन इसे फिलहाल आधिकारिक कीमत नहीं माना जाना चाहिए।

न्यूरो-टेक बाजार में नई शुरुआत

अगर टेंपल सफलतापूर्वक बाजार में आता है, तो यह भारत में हेल्थ वियरेबल और न्यूरो-टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक दिलचस्प प्रयोग हो सकता है। स्मार्टवॉच जहां मुख्य रूप से हार्ट रेट, नींद और गतिविधियों जैसे सामान्य स्वास्थ्य संकेतों पर केंद्रित हैं, वहीं टेंपल का फोकस मस्तिष्क से जुड़े संकेतों और सेरेब्रल ब्लड फ्लो पर है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल इसकी सटीकता, वैज्ञानिक वैलिडेशन, डेटा प्राइवेसी और वास्तविक स्वास्थ्य उपयोगिता को लेकर है। इन पहलुओं पर अधिक स्वतंत्र डेटा सामने आने के बाद ही इसकी क्षमता का सही आकलन किया जा सकेगा।

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