
पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर गृह मंत्री पर उठाए सवाल, मंत्रियों की
कार्यशैली और कथित शुद्धिकरण विवाद पर भी साधा निशाना
रायपुर, 29 अगस्त 2026। बिलासपुर में हाल ही में हुई हिंसा और तनाव की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। बघेल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गृह मंत्री की कार्यशैली को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्रालय और गृह मंत्री अपना जिला ही नहीं संभाल पा रहे हैं, तो प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
भूपेश बघेल ने बिलासपुर में हुई हिंसा को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि सरकार को केवल बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहने के बजाय कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
बिलासपुर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे। कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की बात सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हुए और इसके बाद पथराव एवं तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।
घटना के दौरान कई वाहनों, दुकानों और घरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
पथराव की घटना में पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी।
सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज से आरोपियों की तलाश
हिंसा की घटना के बाद पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन फुटेज की मदद से उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसी घटना को लेकर प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
गृह मंत्री की कार्यशैली पर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने गृह मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अपने ही जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावी तरीके से नियंत्रित नहीं किया जा रहा है, तो प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल दिखाई दे रही है। बघेल ने सरकार से कानून-व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।
मंत्रियों की वन-टू-वन बैठक पर भी तंज
पूर्व मुख्यमंत्री ने रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के बीच हुई वन-टू-वन चर्चा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
बघेल ने दावा किया कि सरकार के कई मंत्री अपने विभागों को प्रभावी ढंग से संचालित नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर मंत्रियों का प्रभाव कम हो गया है और शासन-प्रशासन के कामकाज में अलग-अलग स्तरों से हस्तक्षेप हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था में असमंजस की स्थिति पैदा होती है और सरकार के कामकाज पर इसका असर पड़ता है।
विकास कार्यों और संसाधनों को लेकर भी सवाल
भूपेश बघेल ने प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और प्रशासनिक व्यवस्था भी कमजोर होती जा रही है।
हालांकि, ये आरोप पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए हैं और इन पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
राहुल गांधी के बयान का किया समर्थन
भूपेश बघेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने देश में अलग-अलग विचारधाराओं के बीच संघर्ष की बात कही थी।
बघेल ने कहा कि देश का शासन संविधान के अनुसार चलना चाहिए। धार्मिक ग्रंथों से प्रेरणा ली जा सकती है, लेकिन देश की व्यवस्था और शासन का आधार संविधान ही होना चाहिए।
उन्होंने संविधान में दिए गए समानता और अधिकारों के महत्व पर भी जोर दिया।
खड़गे की सभा के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर सवाल
बघेल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को सामने लाती हैं।
उन्होंने ऐसे मामलों में गंभीरता से कार्रवाई किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज
बिलासपुर हिंसा की घटना के बाद छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार से आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान देने की मांग की है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।












