
बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में SIR के खिलाफ ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ का आयोजन, ध्रुव राठी और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भी हुए शामिल
बेंगलुरु। चुनावी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में नागरिक संगठनों और कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) की ओर से विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज, यूट्यूबर ध्रुव राठी तथा CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई लोग शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान प्रकाश राज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं। प्रकाश राज ने कहा कि यह मुद्दा केवल मतदाता सूची से नाम हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की गरिमा और उनके अधिकारों से भी जुड़ा है।
SIR खत्म करने की उठी मांग
फ्रीडम पार्क में आयोजित ‘जन-अदालत’ को संबोधित करते हुए प्रकाश राज ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि SIR से जुड़ी चिंताओं को केवल ‘वोट चोरी’ के मुद्दे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया का व्यापक असर लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक अधिकारों पर पड़ सकता है।
प्रदर्शन में शामिल CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी SIR प्रक्रिया समाप्त करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा लेना नहीं है, बल्कि इस प्रक्रिया को खत्म कराना है। उन्होंने यह भी मांग की कि ज्ञानेश कुमार की भूमिका की जांच की जाए और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
फ्रीडम पार्क में लगे नारे, चप्पल प्रदर्शन का ऐलान
प्रदर्शन के दौरान ‘SIR रद्द करो’ और ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ जैसे नारे लगाए गए। कार्यक्रम में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां जाहिर कीं। आयोजन से जुड़े लोगों ने विरोध के तहत ‘चप्पल प्रोटेस्ट’ किए जाने की भी घोषणा की।
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी वीडियो जारी कर कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि की। उन्होंने इस अभियान को लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया। आयोजकों ने नागरिकों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
10 अक्टूबर को दिल्ली में भी प्रस्तावित प्रदर्शन
CJP की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की गई है। CJP के नेताओं ने आरोप लगाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में उनके कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हिरासत में लिया जा रहा है। वहीं, प्रदर्शन से जुड़े कुछ लोगों ने शांतिपूर्ण कार्यक्रम में बाधा डालने की आशंका भी जताई है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। हालांकि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
SIR को लेकर चल रहा यह विरोध मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की भूमिका और नागरिक अधिकारों से जुड़े सवालों को फिर से चर्चा में ले आया है। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग SIR प्रक्रिया को समाप्त करना और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका की जांच कराना है।











