
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ U-19 वनडे सीरीज के लिए दोनों का चयन, पहली बार भारतीय टीम में साथ नजर आएंगे आर्यवीर और अन्वय
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर क्रिकेट परिवारों की अगली पीढ़ी की एंट्री देखने को मिली है। पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को पहली बार भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली है। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की U-19 वनडे सीरीज के लिए चुना गया है।
खास बात यह है कि पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ भी इसी वनडे टीम का हिस्सा हैं। ऐसे में पहली बार वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ के बेटे एक ही भारतीय U-19 वनडे टीम में साथ नजर आएंगे।
सितंबर में राजकोट में होगी वनडे सीरीज
भारत और ऑस्ट्रेलिया की U-19 टीमों के बीच तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। तीनों मैच सितंबर में राजकोट में आयोजित किए जाएंगे और मुकाबले सुबह 9 बजे से शुरू होंगे।
वनडे सीरीज के लिए लक्ष्य रायचंदानी को भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया है, जबकि यशवर्धन चौहान उपकप्तान होंगे।
इसके बाद दोनों टीमों के बीच दो मल्टी-डे मुकाबले भी खेले जाएंगे। पहला मैच 27 से 30 सितंबर तक राजकोट में होगा, जबकि दूसरा मुकाबला 5 से 8 अक्टूबर तक अहमदाबाद के बी ग्राउंड पर खेला जाएगा।
DPL में खेल रहे हैं आर्यवीर सहवाग
दाएं हाथ के बल्लेबाज आर्यवीर सहवाग फिलहाल दिल्ली प्रीमियर लीग के 2026 सीजन में वेस्ट दिल्ली लायंस की ओर से खेल रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से ध्यान खींचा है।
आर्यवीर 2024 की कूच बिहार ट्रॉफी में मेघालय के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 297 रन की बड़ी पारी खेल चुके हैं। इस प्रदर्शन के बाद वह क्रिकेट जगत में चर्चा में आए थे।
अब U-19 भारतीय वनडे टीम में चयन उनके क्रिकेट करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
अन्वय द्रविड़ ने श्रीलंका दौरे पर किया प्रभावित
राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका दौरे पर भारत की U-19 टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था।
श्रीलंका U-19 के खिलाफ दो मैचों में अन्वय ने कुल 101 रन बनाए थे। इसी प्रदर्शन के बाद उन्होंने वनडे टीम में अपनी जगह बरकरार रखी।
मल्टी-डे टीम में दोनों को जगह नहीं
जहां आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे मैचों के लिए चुना गया है, वहीं दोनों को दो मल्टी-डे मुकाबलों की टीम में जगह नहीं मिली है।
मल्टी-डे मैचों में यशवर्धन चौहान कप्तानी करेंगे और लक्ष्य रायचंदानी उपकप्तान होंगे। यानी दोनों खिलाड़ियों की जिम्मेदारी वनडे के मुकाबले मल्टी-डे फॉर्मेट में बदल जाएगी।
भारत की U-19 वनडे टीम
लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशवर्धन चौहान (उपकप्तान), रजत बघेल, आर्यवीर सहवाग, वीके विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनाल चौहान, अन्वय द्रविड़, वी यशवीर, रोहित यादव, शाविन विनोद, मोहित उल्वा, चिगुरुपति वेंकट और काव्य पटेल।
भारतीय क्रिकेट में पिता के बाद बेटों की परंपरा
भारतीय क्रिकेट में यह पहला मौका नहीं है जब किसी दिग्गज क्रिकेटर के बेटे ने भी क्रिकेट में कदम रखा हो। इससे पहले भी कई क्रिकेट परिवारों के बेटों ने भारतीय टीम और घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है।
सुनील गावस्कर और रोहन गावस्कर:** सुनील गावस्कर के बेटे रोहन गावस्कर ने भारत के लिए 11 वनडे खेले। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया।
लाला अमरनाथ परिवार:** पूर्व भारतीय कप्तान लाला अमरनाथ के बेटे सुरिंदर, मोहिंदर और राजिंदर अमरनाथ ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला। इनमें मोहिंदर अमरनाथ ने भारतीय क्रिकेट में बड़ी सफलता हासिल की और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे।
रोजर बिन्नी और स्टुअर्ट बिन्नी: 1983 विश्व कप विजेता रोजर बिन्नी के बेटे स्टुअर्ट बिन्नी ने भी भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी-20 इंटरनेशनल खेला। 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने वनडे क्रिकेट में 4 रन देकर 6 विकेट लेने का शानदार प्रदर्शन किया था।
योगराज सिंह और युवराज सिंह: योगराज सिंह के बेटे युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल क्रिकेट परिवारों में से एक का हिस्सा हैं। युवराज 2007 टी-20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे। 2011 विश्व कप में उन्होंने 362 रन बनाने के साथ 15 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने।
विजय मांजरेकर और संजय मांजरेकर: पूर्व भारतीय टेस्ट बल्लेबाज विजय मांजरेकर के बेटे संजय मांजरेकर ने भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। विजय ने भारत के लिए 55 टेस्ट खेले, जबकि संजय ने 37 टेस्ट और 74 वनडे मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया।
नई पीढ़ी पर रहेगी नजर
आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ के चयन ने भारतीय क्रिकेट में एक दिलचस्प कहानी जरूर जोड़ दी है। दोनों के पिता भारतीय क्रिकेट के बड़े नाम रहे हैं और अब दोनों युवा खिलाड़ी अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ U-19 वनडे सीरीज में दोनों के प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी। हालांकि, पिता की विरासत के साथ आने वाली उम्मीदों के बीच दोनों खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा के दम पर पहचान बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।












