अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट की मंजूरी, ICC और BCCI के नियमों में क्यों अटका रास्ता?

संजय बांगर की बेटी ने 2022 में ट्रांजिशन शुरू किया, मार्च 2026 में कराई जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी; BCCI से जवाब नहीं मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया से मिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता
नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर इन दिनों क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पुरुष के रूप में जन्मीं अनाया ने जेंडर ट्रांजिशन के बाद महिला के रूप में अपनी क्रिकेट यात्रा फिर शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है और मार्च 2027 से तय शर्तें पूरी करने पर एलीट महिला क्रिकेट में खेलने का रास्ता भी खुला है।
लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल है कि जब ऑस्ट्रेलिया ने अनाया को मौका दिया तो ICC और भारत में उन्हें महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति क्यों नहीं मिली?
अनाया बांगर कौन हैं?
अनाया बांगर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर संजय बांगर की संतान हैं। ट्रांजिशन से पहले वह पुरुष क्रिकेट में खेल चुकी हैं और मुंबई की अंडर-19 क्रिकेट से भी जुड़ी रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने सरफराज खान और मुशीर खान जैसे खिलाड़ियों के साथ भी उम्र-समूह क्रिकेट खेला है।
अनाया ने 2022 में अपना जेंडर ट्रांजिशन शुरू किया और मार्च 2026 में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराई। इसके बाद उन्होंने महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता तलाशना शुरू किया।
BCCI ने क्यों नहीं दी अनुमति?
यह कहना सही नहीं होगा कि BCCI ने अनाया को खेलने से औपचारिक रूप से मना कर दिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अनाया ने पिछले साल BCCI को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या ट्रांसजेंडर महिला खिलाड़ी भारत में महिला क्रिकेट खेल सकती हैं।
उनके अनुसार BCCI की ओर से उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। एक वरिष्ठ BCCI अधिकारी ने भी कहा कि बोर्ड के पास ट्रांसजेंडर महिलाओं के घरेलू महिला क्रिकेट में खेलने को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट नीति नहीं है।
यानी भारत में मामला “रिजेक्शन” से ज्यादा स्पष्ट नीति के अभाव और जवाब न मिलने का है।
ICC का नियम क्या कहता है?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्थिति अलग है। ICC ने 2023 में अपनी जेंडर-एलिजिबिलिटी नीति में बदलाव करते हुए ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने से बाहर रखा, जो पुरुष यौवन से गुजर चुके हैं।
इस नियम के कारण अनाया फिलहाल भारत या किसी अन्य देश के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट नहीं खेल सकतीं। यह नियम उनकी वर्तमान पहचान के बजाय खेल में प्रतिस्पर्धात्मक समानता और महिला क्रिकेट की निष्पक्षता से जुड़े ICC के नियमों पर आधारित है।
फिर ऑस्ट्रेलिया ने कैसे दी अनुमति?
यही इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) की घरेलू नीति ICC से अलग है।
CA ने अनाया के मामले में उनकी मेडिकल रिपोर्ट, ब्लड टेस्ट, सर्जरी से जुड़े दस्तावेज और अन्य उपलब्ध जानकारी की समीक्षा की। इसके बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया में Premier Cricket यानी Community Cricket खेलने की अनुमति दी गई।
CA के अनुसार मार्च 2027 तक उनकी कम्युनिटी क्रिकेट में भागीदारी की अनुमति है। इसके बाद एलीट महिला क्रिकेट के लिए उन्हें निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
WBBL में खेलने का रास्ता भी खुला, लेकिन टीम में जगह पक्की नहीं
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि अनाया को सीधे Women’s Big Bash League (WBBL) की टीम में जगह मिल गई है।
मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट के लिए उन्हें निर्धारित मेडिकल और हार्मोन संबंधी पात्रता पूरी करनी होगी। CA के पत्र के मुताबिक उन्हें उस समय ब्लड टेस्ट देना होगा और serum testosterone 10 nmol/L से कम होने सहित नीति की अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।
अगर वह पात्रता पूरी करती हैं, तब भी WBBL फ्रेंचाइजी में जगह प्रदर्शन, फिटनेस और चयन प्रक्रिया के आधार पर ही मिलेगी।
अनाया ने भी साफ किया है कि ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें “टीम में जगह नहीं, बल्कि क्रिकेट में वापसी का रास्ता” दिया है। अब उन्हें अपने प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह हासिल करनी होगी।
ऑस्ट्रेलिया और ICC के नियम में यही सबसे बड़ा अंतर
इस मामले में दो अलग-अलग स्तरों को समझना जरूरी है।
ICC: अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट के लिए ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को अनुमति नहीं देता जिन्होंने पुरुष यौवन पूरा किया है।
BCCI: घरेलू महिला क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर स्पष्ट आधिकारिक नीति सामने नहीं आई है और अनाया के अनुसार उनके पत्र का जवाब भी नहीं मिला।
Cricket Australia: अपनी घरेलू नीति के तहत पात्रता और मेडिकल/टेस्टोस्टेरोन संबंधी शर्तें पूरी करने वाले ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए रास्ता उपलब्ध रखता है।
क्रिकेट जगत में शुरू हुई बहस
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले के बाद इस मुद्दे पर बहस भी तेज हो गई है। दक्षिण अफ्रीका की स्टार ऑलराउंडर मारिजान कैप ने CA के फैसले की आलोचना करते हुए इसे “absolutely ridiculous” बताया।
दूसरी ओर, अनाया ने इस फैसले को अपने लिए क्रिकेट में वापसी का महत्वपूर्ण अवसर बताया है। उन्होंने कहा है कि अब उनका लक्ष्य प्रदर्शन और फिटनेस के जरिए खुद को साबित करना है।
अनाया के लिए आगे की राह क्या है?
फिलहाल अनाया ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। मार्च 2027 में एलीट क्रिकेट की पात्रता के लिए उन्हें CA की निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी।
इसके बाद अगर वह WBBL जैसी प्रतियोगिता में जगह बनाना चाहती हैं तो उन्हें सामान्य खिलाड़ियों की तरह प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन, फिटनेस और चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
इसलिए “ऑस्ट्रेलिया ने अनाया को WBBL में खेलने के लिए चुन लिया” कहना सही नहीं है। सही बात यह है कि उन्हें वहां महिला एलीट क्रिकेट में चयन के लिए पात्रता का रास्ता मिला है।
अनाया बांगर का मामला क्रिकेट में जेंडर एलिजिबिलिटी को लेकर अलग-अलग क्रिकेट बोर्डों की नीतियों के बीच अंतर को सामने लाता है। ICC के अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सकतीं, जबकि BCCI ने उनके मामले पर अभी स्पष्ट नीति या जवाब नहीं दिया है।
इसके विपरीत, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपनी घरेलू नीति के तहत उनके मामले की समीक्षा करने के बाद उन्हें महिला कम्युनिटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति दी है और निर्धारित शर्तें पूरी करने पर मार्च 2027 से एलीट महिला क्रिकेट का रास्ता भी खुला रखा है।












