नोरा फतेही को कोर्ट की फटकार, समन के बाद भी क्यों नहीं हुईं पेश? जानिए पूरा मामला

₹200 करोड़ वसूली मामले में दिल्ली की अदालत ने नोरा फतेही को दोबारा भेजा समन, पेशी से गैरहाजिर रहने पर जताई नाराजगी
बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने ₹200 करोड़ की जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में फटकार लगाई है। अदालत में गवाह के तौर पर पेश होने के लिए उन्हें समन भेजा गया था, लेकिन 2 नवंबर को वह निर्धारित तारीख पर अदालत नहीं पहुंचीं। उनकी गैरमौजूदगी पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए नया समन जारी किया और स्पष्ट कहा कि अदालत की कार्यवाही को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
समन मिलने के बावजूद अदालत नहीं पहुंचीं नोरा
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि नोरा फतेही को पेश होने के लिए समन भेजा गया था। हालांकि, पुलिस को यह जानकारी नहीं थी कि अभिनेत्री अदालत में उपस्थित होंगी या नहीं।
वहीं, नोरा के वकील ने अदालत में उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट देने के लिए आवेदन दाखिल किया। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई और कहा कि नोरा इस मामले में गवाह हैं, इसलिए उन्हें अदालत में मौजूद होना चाहिए था।
अदालत ने वकील को भी लगाई फटकार
नोरा की गैरमौजूदगी पर अदालत ने उनके वकील से कहा कि उनकी मुवक्किल का व्यवहार उचित नहीं है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि कोर्ट को हल्के में न लें और उसे बेवकूफ बनाने की कोशिश न करें।
अदालत ने अभिनेत्री के लिए नया समन जारी किया है। अब उन्हें आगे की कार्यवाही में पेश होना होगा।
क्या है सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा ₹200 करोड़ का मामला?
यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। उस पर दिल्ली के कारोबारी की पत्नी से जेल के अंदर से फोन करके करीब 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली करने का आरोप है। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर चुका है।
जांच के दौरान नोरा फतेही से भी पूछताछ की गई थी। अभिनेत्री का नाम सुकेश से जुड़े संपर्कों और कथित उपहारों के संदर्भ में सामने आया था। हालांकि, इस मामले में नोरा को अदालत ने गवाह के तौर पर बुलाया है। गवाह के रूप में उनकी पेशी को आरोपी होने के समान नहीं माना जाना चाहिए।
अब आगे क्या होगा?
अदालत की ओर से नया समन जारी किए जाने के बाद नोरा फतेही की अगली पेशी पर नजर रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी पर आपत्ति जताई है और उन्हें निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की हिदायत दी है।












