‘कोलावेरी डी’ से ‘जिंदा बंदा’ तक, कौन हैं अनिरुद्ध रविचंदर? जानिए उम्र और हिट गानों की पूरी सूची

अनिरुद्ध रविचंदर की संगीत यात्रा: कम उम्र में मिली बड़ी पहचान, इन गानों ने बनाया सुपरस्टार
भारतीय सिनेमा में ऐसे कई संगीतकार हैं, जिन्होंने अपनी धुनों से फिल्मों की पहचान बदल दी। अनिरुद्ध रविचंदर उन्हीं में से एक हैं। तमिल फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अनिरुद्ध आज दक्षिण भारतीय सिनेमा के चर्चित संगीतकारों और पार्श्व गायकों में गिने जाते हैं। हिंदी फिल्म जवान के संगीत से भी उन्होंने देशभर के दर्शकों के बीच अपनी पहचान मजबूत की।
संगीत की दुनिया में कैसे मिली पहचान?
अनिरुद्ध ने वर्ष 2012 में तमिल फिल्म 3 के संगीत से खास पहचान बनाई। इसी फिल्म का गीत ‘व्हाय दिस कोलावेरी डी’ दुनिया भर में लोकप्रिय हुआ। उस समय अनिरुद्ध की उम्र लगभग 21 वर्ष थी। इस सफलता ने उन्हें फिल्म संगीत की दुनिया में नई पहचान दिलाई।इसके बाद उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में संगीत दिया। उनकी खासियत आधुनिक धुनों, तेज ताल, इलेक्ट्रॉनिक संगीत और भारतीय संगीत के तत्वों को मिलाकर आकर्षक संगीत तैयार करना है।
अनिरुद्ध के लोकप्रिय गानों की सूची
फिल्म: 3 (2012)
इसी गीत ने अनिरुद्ध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
फिल्म: कथ्थी (2014)
विजय अभिनीत इस फिल्म का लोकप्रिय गीत।
फिल्म: मास्टर (2021)
अपने जोशीले संगीत और नृत्य की वजह से काफी लोकप्रिय हुआ।
फिल्म: बीस्ट (2022)
तमिल और अरबी शैली के मिश्रण वाला चर्चित गीत।
फिल्म: जवान (2023)
हिंदी सिनेमा में अनिरुद्ध के चर्चित संगीत में शामिल।
फिल्म: जवान (2023)
रोमांटिक धुन के लिए लोकप्रिय गीत।
अनिरुद्ध ने किन फिल्मों में संगीत दिया?
उनके प्रमुख संगीत कार्यों में ये फिल्में शामिल हैं:
-
3 (2012) — शुरुआती बड़ी पहचान
-
कथ्थी (2014) — लोकप्रिय संगीत
-
मारी (2015) — जोशीले गीत
-
वेदालम (2015) — तमिल फिल्म संगीत
-
पेट्टा (2019) — रजनीकांत अभिनीत फिल्म
-
मास्टर (2021) — चर्चित गीत और पार्श्व संगीत
-
बीस्ट (2022) — अरेबिक कुथु
-
विक्रम (2022) — दमदार पार्श्व संगीत
-
जेलर (2023) — रजनीकांत की फिल्म का संगीत
-
जवान (2023) — हिंदी फिल्मों में बड़ी पहचान
-
लियो (2023) — विजय अभिनीत फिल्म
-
देवरा: भाग 1 (2024) — तेलुगु फिल्म
-
कूली (2025) — रजनीकांत अभिनीत फिल्म
अनिरुद्ध की संगीत शैली में क्या है खास?
अनिरुद्ध के संगीत में तेज ताल, आकर्षक धुनें, आधुनिक ध्वनियां और प्रभावशाली पार्श्व संगीत प्रमुख हैं। वह केवल गीतों की धुन नहीं बनाते, बल्कि फिल्मों के दृश्यों के अनुरूप ऐसा संगीत भी तैयार करते हैं, जो कहानी के प्रभाव को बढ़ाता है। तमिल सिनेमा के साथ तेलुगु और हिंदी फिल्मों में उनका काम इस विस्तार का उदाहरण है।
क्या अनिरुद्ध को पुरस्कार भी मिले हैं?
अनिरुद्ध को अपने संगीत कार्यों के लिए कई पुरस्कार और नामांकन मिले हैं। उपलब्ध जीवनी संबंधी जानकारी में फिल्मफेयर पुरस्कार दक्षिण, दक्षिण भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और अन्य संगीत पुरस्कारों का उल्लेख मिलता है।












