
सुल्तानपुर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित है। सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब 26 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाने की तारीख निर्धारित की है। मामले में फैसले की तारीख तय होने के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस पर नजरें टिक गई हैं।
राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी शुक्ला के मुताबिक, अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद निर्णय के लिए 26 अक्टूबर की तारीख तय की है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के सम्मान और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए राहुल गांधी फैसले के दिन अदालत में उपस्थित रहेंगे।
वहीं, वादी पक्ष की ओर से पेश भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि अभियोजन पक्ष की बहस पूरी हो चुकी है। बचाव पक्ष ने अपनी लिखित बहस अदालत में दाखिल की थी, जिस पर वादी पक्ष की ओर से जवाबी बहस भी की गई। इसके बाद न्यायालय ने मामले में निर्णय सुनाने के लिए तारीख निर्धारित कर दी।
फैसले के दिन राहुल गांधी की मौजूदगी पर नजर
अधिवक्ताओं के अनुसार, फैसले के दिन राहुल गांधी की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक बताई गई है। वादी पक्ष के अधिवक्ता ने यह भी कहा कि इस दौरान दंड प्रक्रिया से संबंधित धारा 437A के तहत जरूरी प्रक्रिया का पालन करना होगा। यह प्रावधान अदालत के निर्णय के बाद अपील की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानत बांड से जुड़ा होता है।
हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय अदालत ही सुनाएगी। फिलहाल दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है और अब 26 अक्टूबर को आने वाले फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
साल 2018 में अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़ा है मामला
यह मानहानि प्रकरण वर्ष 2018 की एक कथित टिप्पणी से जुड़ा है। आरोप है कि राहुल गांधी ने 8 मई 2018 को बेंगलुरु में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अमित शाह वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री हैं।
इस मामले में जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को अदालत में मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। परिवाद में कथित टिप्पणी को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।
इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ी। 27 नवंबर 2023 को अदालत ने राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। इसके बाद 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिली थी।
अब 26 अक्टूबर के फैसले का इंतजार
लंबे समय से चल रहे इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने की तारीख तय कर दी है। अब 26 अक्टूबर 2026 को सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए अदालत का निर्णय महत्वपूर्ण होगा। अदालत का फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मानहानि मामले में आगे क्या कानूनी स्थिति बनती है।
फिलहाल, राहुल गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़ा यह मामला अदालत में विचाराधीन है। आरोपों और कानूनी दलीलों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायालय के निर्णय के बाद ही सामने आएगा।












