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बीजापुर में CAF जवान की गोली लगने से मौत, पुलिस को आत्महत्या की आशंका; परिजनों ने उठाए हत्या पर सवाल

सैंड्रा कैंप में पदस्थ जवान विजेंद्र ठाकुर की 30 सितंबर को मौत हुई थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का बताया गया, जबकि परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

बीजापुर। जिले के सैंड्रा कैंप में पदस्थ CAF 6वीं बटालियन के जवान विजेंद्र ठाकुर की गोली लगने से मौत के मामले में फरसेगढ़ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना 30 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला खुदकुशी से संबंधित प्रतीत हो रहा है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी प्रथम दृष्टया आत्महत्या की बात सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी है। हालांकि, मृतक जवान के परिजन इस निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं और उन्होंने मौत के पीछे हत्या या किसी साजिश की आशंका जताई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद फरसेगढ़ थाना पुलिस सैंड्रा कैंप पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आवश्यक साक्ष्य जुटाए और मामले में मर्ग कायम किया।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का सामने आया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

एसपी उमेश गुप्ता के अनुसार, मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों ने हत्या की आशंका जताई

जवान की मौत की खबर मिलने के बाद उसके परिजन भी मौके पर पहुंचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन शव को सूरजपुर जिले के देवेंद्र नगर स्थित गृह ग्राम ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।

परिजनों ने जवान की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया है। परिवार की ओर से हत्या या साजिश की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

हालांकि, परिजनों द्वारा जताई गई आशंका की अभी पुलिस जांच में पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।

शव गांव पहुंचाने को लेकर भी परिजनों में नाराजगी

परिजनों ने जवान का शव गृह ग्राम पहुंचाए जाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि शव गांव लाए जाने के दौरान विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी नहीं थी।

परिजनों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जवान को शहीद का दर्जा नहीं दिया गया। परिवार का कहना है कि मौत की परिस्थितियों की पूरी जांच होनी चाहिए और यदि किसी तरह की साजिश या आपराधिक भूमिका सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी मौत की वजह

फिलहाल पुलिस की प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की संभावना सामने आई है, जबकि परिवार की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है। दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौत की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


 

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