ग्वालियर में तैयार हो रहा देश का पहला विशाल नीला शिवलिंग, अफगानिस्तान से आएगा 15 लाख का दुर्लभ पत्थर

करीब डेढ़ टन वजनी होगा शिवलिंग, 3 फीट ऊंचाई के लिए लाजावर्त पत्थर का इस्तेमाल; राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा दे रहे आकार
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में इन दिनों एक अनोखे शिवलिंग को आकार दिया जा रहा है। यहां अफगानिस्तान के दुर्लभ लाजावर्त यानी लैपिस लाजुली पत्थर से विशाल नीला शिवलिंग तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित शिवलिंग करीब 3 फीट ऊंचा और लगभग डेढ़ टन वजनी होगा।
इसकी खासियत इसका गहरा नीला रंग और पत्थर में दिखाई देने वाली प्राकृतिक सुनहरी चमक होगी। इसे देश का पहला विशाल नीला शिवलिंग बताया जा रहा है।
अफगानिस्तान से आएगा दुर्लभ पत्थर
इस शिवलिंग के निर्माण के लिए अफगानिस्तान से लाजावर्त पत्थर का एक बड़ा सिंगल पीस मंगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पत्थर का आकार करीब 5×5 फीट होगा और इसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
लाजावर्त, जिसे लैपिस लाजुली भी कहा जाता है, अपने गहरे नीले रंग के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इसमें प्राकृतिक रूप से दिखाई देने वाली सुनहरी चमक इसे और आकर्षक बनाती है। इसी विशेषता के कारण इस पत्थर का उपयोग कलाकृतियों और सजावटी वस्तुओं में भी किया जाता रहा है।
ग्वालियर में मूर्तिकार देंगे शिवलिंग का आकार
ग्वालियर स्थित रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा इस विशाल पत्थर को शिवलिंग का स्वरूप देने का काम करेंगे।
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पत्थर के ग्वालियर पहुंचने के बाद इसकी तराशी और आकार देने का काम शुरू होगा। इतने बड़े और दुर्लभ पत्थर को शिवलिंग के रूप में तराशना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण शिल्प कार्य होगा।
डेढ़ टन तक हो सकता है वजन
प्रस्तावित शिवलिंग की ऊंचाई करीब 3 फीट रखी जा रही है। पत्थर की विशालता और घनत्व को देखते हुए इसका वजन लगभग डेढ़ टन होने की जानकारी दी गई है।
गहरे नीले रंग के कारण तैयार होने के बाद यह शिवलिंग सामान्य पत्थर से बने शिवलिंग से अलग दिखाई देगा। पत्थर की प्राकृतिक बनावट और सुनहरी चमक इसकी खूबसूरती को और बढ़ाएगी।
पत्थर के ग्वालियर पहुंचने का इंतजार
अफगानिस्तान से लाजावर्त पत्थर को ग्वालियर लाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके जल्द ग्वालियर पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा इसे अंतिम स्वरूप देने का काम करेंगे।
देश का पहला विशाल नीला शिवलिंग होने और पत्थर की कीमत/आकार से संबंधित दावों को उपलब्ध जानकारी के आधार पर लिखा गया है; स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने पर इन विवरणों को अपडेट किया जा सकता है।












