
मलवां में खाना बनाते समय हुआ जोरदार धमाका, दो मंजिला मकान ढहा; फॉरेंसिक और फायर टीम विस्फोट की असली वजह तलाश रही हैं।
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मलवां कस्बे में सोमवार शाम हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। खाना बनाते समय हुए विस्फोट के बाद दो मंजिला मकान भरभराकर ढह गया। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी में गैस सिलिंडर को विस्फोट की संभावित वजह बताया गया है, लेकिन घटना की पूरी तस्वीर अभी जांच के बाद ही साफ होगी।
घटना के समय घर में खाना बनाया जा रहा था। धमाका इतना तेज था कि मकान की ऊपरी मंजिलें भी ढह गईं और आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। संकरी गली के कारण फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई, जिसके बाद जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। पुलिस, फायर विभाग, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
सिलिंडर फटने की आशंका, लेकिन कई सवाल बाकी
पुलिस के मुताबिक, घर में चार एलपीजी सिलिंडर मौजूद थे और प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव अथवा सिलिंडर से जुड़ी घटना की आशंका जताई गई है। हालांकि, विस्फोट की सटीक वजह अभी आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं हुई है। फॉरेंसिक और फायर विभाग की टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच कर रही हैं।
घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि नीचे हुए धमाके से दो मंजिला मकान इतनी बुरी तरह कैसे ढह गया। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट का स्रोत क्या था और किन परिस्थितियों में इतना बड़ा नुकसान हुआ। अमर उजाला की रिपोर्ट में भी मलबा हटने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होने की बात कही गई है।
मलबे से निकाले गए लोग, इलाज के दौरान मौत
रेस्क्यू टीमों ने मलबे से सात लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इनमें से कई लोगों को गंभीर चोटें आई थीं। इलाज के दौरान पांच लोगों की मौत की सूचना सामने आई। एक घायल की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि अन्य घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि आखिर धमाका गैस सिलिंडर से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी कारण था।
फिलहाल सिलिंडर ब्लास्ट को लेकर शुरुआती जानकारी सामने आई है, लेकिन विस्फोट की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।












