
नाबालिग लड़की और लड़के से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज, SIT गठित; वीडियो वायरल करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भी केस
जमुई, 22 सितंबर 2026। बिहार के जमुई जिले में नाबालिग लड़की और उसके नाबालिग साथी के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस कार्रवाई के दौरान पैर में गोली लगी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को पकड़ने की कोशिश के दौरान उसने भागने का प्रयास किया, जिसके बाद मुठभेड़ की स्थिति बनी। घायल नंदन को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया।
इसी मामले में दूसरे आरोपी हरेराम यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT भी गठित की गई है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक घटना 19 सितंबर 2026 को जमुई में हुई। एक नाबालिग लड़की और उसका नाबालिग पुरुष साथी एक पहाड़ी इलाके में गए थे। इसी दौरान कई युवकों ने दोनों को घेर लिया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट तथा बदसलूकी की।
घटना का वीडियो बनाए जाने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने की कोशिश की। पुलिस ने वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
मुख्य आरोपी नंदन यादव को पकड़ने गई पुलिस
पुलिस की तलाश के बीच नंदन यादव के ठिकाने का पता चलने पर टीम ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई।
इस दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी। उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। पुलिस कार्रवाई में दूसरे आरोपी हरेराम यादव के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
हरेराम यादव भी गिरफ्तार
मामले में दूसरे आरोपी हरेराम यादव को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस ने वीडियो में दिखाई देने वाले कई लोगों की पहचान करने की बात कही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मामले में करीब 7 लोगों की पहचान की गई है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
जांच के लिए बनाई गई SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT यानी Special Investigation Team गठित की है। यह टीम घटना की पूरी कड़ी की जांच करेगी और आरोपियों की भूमिका, वीडियो तथा दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को खंगालेगी।
SIT के गठन की जानकारी सामने आने के साथ पुलिस ने मामले की जांच को तेज कर दिया है।
वायरल वीडियो को लेकर भी पुलिस का बड़ा एक्शन
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई केवल आरोपियों तक सीमित नहीं है। घटना का संवेदनशील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे शेयर और री-पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर भी कार्रवाई शुरू की है।
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले तरीके से वीडियो को प्रसारित करना गंभीर अपराध है।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घटना से जुड़ा वीडियो डाउनलोड, शेयर या री-पोस्ट न करें। साथ ही नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली कोई भी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने को कहा गया है।
जांच के दौरान वीडियो को आगे फैलाने के बजाय पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।
महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है और बिहार पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। आयोग की ओर से वीडियो को हटाने और पीड़िता की पहचान सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल पुलिस की जांच तीन प्रमुख दिशाओं में आगे बढ़ रही है—घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी, घटना से जुड़े वीडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच और सोशल मीडिया पर संवेदनशील वीडियो प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई।
नंदन यादव के घायल होने के बाद उसे पुलिस हिरासत में इलाज दिया जा रहा है, जबकि हरेराम यादव समेत गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बाकी संदिग्धों की तलाश भी जारी है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में किस आरोपी की क्या भूमिका थी और पूरे घटनाक्रम में कौन-कौन लोग शामिल थे।












