
IIT बॉम्बे से जुड़े छात्र साहिल वाकोडे मामले की जांच में CCTV फुटेज को अहम सबूत माना जा रहा है। खास तौर पर दोपहर 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच की रिकॉर्डिंग जांच के दायरे में है। इसी दौरान छात्र को परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने की बात सामने आई है। परीक्षा दोपहर 1 बजे समाप्त होनी थी।
कैमरे में क्या-क्या नजर आया?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परीक्षा हॉल के CCTV फुटेज में इनविजिलेटर सूर्यनारायण डूला छात्र को परीक्षा कक्ष से बाहर जाने के लिए कहते हुए दिखाई देते हैं। इसके बाद बिल्डिंग के अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग में छात्र को परीक्षा हॉल से बाहर निकलकर कैंपस स्थित हॉस्टल की ओर जाते हुए देखा गया।
अब जांच एजेंसियां इन फुटेज को घटनाक्रम से जोड़कर देख रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि परीक्षा हॉल से बाहर निकलने के बाद छात्र के साथ क्या हुआ और उसकी गतिविधियां किस क्रम में हुईं।
क्राइम ब्रांच करेगी CCTV की जांच
पुलिस अधिकारी धर्मवीर बंसोद के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम CCTV रिकॉर्डिंग की जांच करेगी। जांच टीम उस हॉस्टल कमरे की तलाशी भी ले चुकी है, जहां छात्र की मौत हुई थी।
CCTV के अलावा जांच में कमरे से मिले सामान, डिजिटल डिवाइस और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को भी देखा जा सकता है। इन सभी तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
कैंपस में घटना को लेकर अलग-अलग राय
घटना के बाद कैंपस में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इनविजिलेटर ने संस्थान के परीक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की, क्योंकि छात्र के पास कथित तौर पर बिना अनुमति स्मार्टफोन था और उसके इस्तेमाल की बात सामने आई थी।
वहीं, कुछ लोगों ने परीक्षा के दौरान हुई कार्रवाई और उसके बाद की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं। छात्र के एक करीबी दोस्त ने मीडिया में लगाए गए जातिगत भेदभाव के आरोपों पर असहमति जताई है। उसका कहना है कि उसे ऐसा नहीं लगता कि घटना के पीछे जातिगत भेदभाव था।
दोस्त ने क्या बताया?
छात्र के दोस्त के अनुसार, परीक्षा के दौरान उसे कथित तौर पर नकल करते हुए पकड़ा गया था और प्रोफेसर उसे परीक्षा कक्ष से बाहर ले गए थे। दोस्त ने यह भी कहा कि संस्थान की ओर से उसे बताया गया था कि छात्र के खिलाफ DAC यानी Disciplinary Action Committee की कार्रवाई नहीं की गई थी।
हालांकि, घटना के वास्तविक कारण और घटनाक्रम को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फैकल्टी फोरम ने किया इनविजिलेटर का समर्थन
IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम की ओर से इनविजिलेटर सूर्यनारायण डूला के समर्थन की बात भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्हें निलंबित नहीं किया गया है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उनके पद से अलग होने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल CCTV फुटेज, पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और उसके बाद की घटनाएं किस क्रम में हुईं।












