तिहाड़ जेल में एक्ट्रेस के साथ क्या हुआ? खुद बताया पूरा दर्द

संदीपा विर्क ने सुनाया तिहाड़ जेल का अनुभव, गंदे टॉयलेट में प्रेग्नेंसी टेस्ट से लेकर कपड़े उतरवाने तक के लगाए आरोप
पंजाबी एक्ट्रेस संदीपा विर्क ने तिहाड़ जेल में बिताए करीब साढ़े चार महीनों के अनुभव को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं।संदीपा 6 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तिहाड़ जेल में रही थीं और अब जेल से बाहर हैं।

उन्होंने अलग-अलग इंटरव्यू और एक पॉडकास्ट में जेल के दौरान सामने आई परेशानियों के बारे में बताया।
संदीपा के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले अस्पताल ले जाया गया, जहां महिलाओं के लिए होने वाले प्रेग्नेंसी टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उन्हें एक किट दी गई और बेहद गंदे टॉयलेट में जाकर टेस्ट करना पड़ा।

इसके बाद उन्हें ईडी कार्यालय ले जाया गया और करीब छह दिन रिमांड में रखा गया। जमानत नहीं मिलने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
जेल में कपड़े उतरवाने का भी दावा
संदीपा ने जेल में जांच के दौरान अपने साथ कथित व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कई बार महिला पुलिस अधिकारियों की तलाशी प्रक्रिया के दौरान उन्हें अपने सारे कपड़े उतारने पड़े। एक्ट्रेस ने इसे मानसिक प्रताड़ना जैसा अनुभव बताया।

”वॉशरूम की हालत बेहद खराब थी. मुझे डिपार्टमेंट में लेकर गए. फिर कोर्ट गए. मैं 6 दिन ईडी ऑफिस में रिमांड में थी. मुझे बेल नहीं मिली और मैं फिर तिहाड़ … ”
उन्होंने जेल की साफ-सफाई और कैदियों की स्थिति को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। संदीपा के अनुसार, वहां गरीब कैदियों से बैरक और टॉयलेट साफ करवाए जाते थे। उन्होंने जेल के माहौल को बेहद कठिन और प्रताड़ना जैसा बताया।
रिमांड के दौरान मेडिकल मदद नहीं मिलने का आरोप
एक्ट्रेस ने बताया कि रिमांड के पहले दिन तनाव की वजह से उन्हें गैस की समस्या हुई थी। उनके अनुसार, मांगने के बावजूद उन्हें तत्काल मेडिकल मदद नहीं मिली।

संदीपा ने जेल में महिला कैदियों के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़े अन्य दावे भी किए हैं।
एक्स बॉयफ्रेंड पर लगाया केस में फंसाने का आरोप
संदीपा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए दावा किया कि उनके एक्स बॉयफ्रेंड ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाया था।

उन्होंने कहा कि जेल में बिताए दिनों को वह आज भी नहीं भूल पातीं और उस दौर को याद कर भावुक हो जाती हैं।

संदीपा के ये दावे उनके इंटरव्यू और पॉडकास्ट में बताए गए अनुभवों पर आधारित हैं। इन आरोपों और जेल प्रशासन से जुड़े दावों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है।












