दुकानों में मिली ऐसी गड़बड़ी, कृषि विभाग ने लिया बड़ा फैसला:3 पर गिरी गाज

धमतरी में दुकानों की जांच तेज, 2 लाइसेंस निलंबित और 1 निरस्त
धमतरी। खरीफ सीजन में कीटनाशक दवाओं की बढ़ती मांग के बीच कृषि विभाग ने जिले में विक्रय केंद्रों की जांच तेज कर दी है। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो कीटनाशक विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए, जबकि एक दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
संचालक कृषि के निर्देश और कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में कीटनाशक निरीक्षकों की टीम लगातार विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कर रही है। अनुविभागीय कृषि अधिकारी धमतरी और नोडल अधिकारी, कीटनाशी गुण नियंत्रण की अनुशंसा पर भटगांव स्थित मेसर्स गौरव कृषि केंद्र और मेसर्स साहू कृषि केंद्र के कीटनाशक विक्रय लाइसेंस आगामी आदेश तक निलंबित किए गए हैं।
जांच के दौरान इन दुकानों में जरूरी दस्तावेजों का सही तरीके से संधारण नहीं मिला। इसके अलावा निर्धारित मापदंड के अनुसार मूल्य सूची और स्टॉक का प्रदर्शन भी नहीं किया गया था।
गायत्री कृषि केंद्र का लाइसेंस निरस्त
भटगांव स्थित मेसर्स गायत्री कृषि केंद्र के खिलाफ भी विभाग ने कार्रवाई की है। निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कीटनाशक व्यवसाय का संचालन नहीं करने पर दुकान का विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अब संबंधित प्रतिष्ठान कीटनाशक दवाओं का व्यवसाय नहीं कर सकेगा।
10 अन्य दुकानों की भी जांच
अभियान के तहत कृषि विभाग ने जिले के 10 अन्य कीटनाशक विक्रय केंद्रों का भी निरीक्षण किया। इनमें अंकित ट्रेडर्स धमतरी, राधा ट्रेडर्स धमतरी, शिव धारा कृषि केंद्र, सदगुरु कृषि केंद्र देमार, दिवाकर कृषि केंद्र देमार, धारणा कृषि केंद्र बागतराई, गगन कृषि केंद्र खम्हरिया, तेजल कृषि केंद्र दानीटोला, साहू कृषि केंद्र कलारतराई और प्रियांशु कृषि केंद्र सेमरा बी शामिल हैं।
अंकित ट्रेडर्स पर बिक्री रोक
निरीक्षण के दौरान धमतरी स्थित मेसर्स अंकित ट्रेडर्स में भी अनियमितताएं सामने आईं। विभाग ने प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ कीटनाशक की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
विभाग के अनुसार नोटिस का जवाब मिलने के बाद उपलब्ध तथ्यों और नियमों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से बिल लेकर दवा खरीदने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे कीटनाशक दवाएं केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही खरीदें और खरीदारी के समय बिल जरूर लें। बिना कृषि विशेषज्ञ की सलाह के किसी भी कीटनाशक का अनावश्यक या अनुशंसित मात्रा से अधिक इस्तेमाल न करने की भी सलाह दी गई है।
यदि किसी दुकान पर अनियमितता या निर्धारित दर से अधिक कीमत पर कीटनाशक बेचने की जानकारी मिलती है, तो किसान इसकी सूचना संबंधित कृषि अधिकारियों को दे सकते हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन मिलने पर कीटनाशक विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












