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13 कृषि केन्द्रों पर कृषि विभाग की छापेमारी, 6 केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंधित

बलौदाबाजार, 27 अगस्त 2026। खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण और मानक अनुरूप कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिले में कीटनाशक विक्रय केन्द्रों के खिलाफ सघन जांच अभियान शुरू किया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को जिले के अलग-अलग विकासखंडों में संचालित 13 कृषि केन्द्रों की जांच की गई।

जांच के दौरान विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आने पर 6 कृषि केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 7 से 10 दिनों के लिए विक्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है। संबंधित कृषि केन्द्र संचालकों को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

अलग-अलग विकासखंडों में हुई जांच

कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम ने पलारी, सिमगा, भाटापारा, कसडोल और बलौदाबाजार विकासखंड में संचालित कृषि एवं कीटनाशक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया।

पलारी विकासखंड में कीटनाशक निरीक्षक सुचिन कुमार वर्मा ने ग्राम अमेरा स्थित पटेल कृषि सेवा केन्द्र, जय दुर्गा कृषि केन्द्र और शिवराम कृषि सेवा केन्द्र तथा ग्राम छेरकापुर स्थित वर्मा कृषि केन्द्र और साहू कृषि केन्द्र का निरीक्षण किया।

सिमगा विकासखंड में कीटनाशक निरीक्षक ऑलिव मेरी कुजूर द्वारा हिरमी स्थित कमल कृषि सेवा केन्द्र की जांच की गई। वहीं भाटापारा विकासखंड में कीटनाशक निरीक्षक अवधेश उपाध्याय ने सिंगारपुर स्थित नंदिनी कृषि केन्द्र का निरीक्षण किया।

कसडोल विकासखंड में कीटनाशक निरीक्षक धनेश्वर साय ने कटगी स्थित श्रीराम ट्रेडर्स और विनोद कृषि सेवा केन्द्र तथा छांछी स्थित देवांगन कृषि केन्द्र का निरीक्षण किया। इसके अलावा बलौदाबाजार विकासखंड में निरीक्षक लोकनाथ दीवान ने बलौदाबाजार स्थित जोगी कृषि केन्द्र और लवन स्थित रूपेश कृषि केन्द्र एवं सिद्धिविनायक कृषि सेवा केन्द्र की जांच की।

बिल और स्टॉक रजिस्टर में मिली अनियमितता

जांच के दौरान पटेल कृषि सेवा केन्द्र, जय दुर्गा कृषि केन्द्र और शिवराम कृषि सेवा केन्द्र अमेरा, वर्मा कृषि केन्द्र एवं साहू कृषि केन्द्र छेरकापुर तथा कमल कृषि सेवा केन्द्र हिरमी में विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं।

इन केन्द्रों पर किसानों को निर्धारित प्रारूप में देयक उपलब्ध नहीं कराने, स्टॉक रजिस्टर का सही तरीके से संधारण नहीं करने, पी.सी. जमा नहीं करने तथा प्रतिष्ठान में मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने जैसी कमियां सामने आईं।

विभाग ने इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की है।

कीटनाशी अधिनियम के तहत नोटिस

कृषि विभाग ने संबंधित कृषि केन्द्रों को कीटनाशी अधिनियम, 1968 की धारा 10(डी), 10(4)(ए), धारा 15, 8(3) और 35(1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

इसके साथ ही संबंधित केन्द्रों पर 7 से 10 दिनों के लिए कृषि आदान सामग्री के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। सभी संबंधित संचालकों को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में संबंधित कृषि केन्द्रों के कीटनाशी लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।

कृषि आदान विक्रेताओं को नियमों का पालन करने की हिदायत

उप संचालक कृषि दीपक नायक ने जिले के सभी कृषि आदान विक्रेताओं को उर्वरक, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री के भंडारण एवं विक्रय से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेखों का नियमित रूप से संधारण करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक में प्रत्येक आवक एवं विक्रय का सही और अद्यतन विवरण दर्ज करना अनिवार्य है। कृषि विभाग ने सभी विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित नियमों और प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है।

आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में कृषि आदान सामग्री के भंडारण और विक्रय व्यवस्था की निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। जांच के दौरान नियमों की अनदेखी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का उद्देश्य खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराना तथा बाजार में कृषि आदान सामग्री की बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाए रखना है।

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