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रोज 6 मंजिल सीढ़ियां चढ़ना दिल के लिए फायदेमंद? स्टडी में सामने आया बड़ा संकेत

करीब 4.80 लाख लोगों के डेटा के विश्लेषण में सीढ़ियां चढ़ने और हृदय रोग से कम मृत्यु जोखिम के बीच संबंध सामने आया

आजकल फिट और स्वस्थ रहने के लिए लोग जिम, वॉकिंग, रनिंग और अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज करते हैं। लेकिन अगर आपके पास रोजाना लंबे समय तक वर्कआउट करने का समय नहीं है, तो आपकी सामान्य दिनचर्या में शामिल छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियां भी उपयोगी हो सकती हैं। सीढ़ियां चढ़ना ऐसी ही एक आसान गतिविधि है, जिसे रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से शामिल किया जा सकता है।

एक बड़ी रिव्यू स्टडी में शोधकर्ताओं ने पाया कि नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने वाले लोगों में हृदय रोग से मृत्यु और किसी भी कारण से मृत्यु के कम जोखिम के साथ संबंध देखा गया। अध्ययन के अनुसार, सीढ़ियां चढ़ने वालों में हृदय रोग से मृत्यु का जोखिम करीब 39 प्रतिशत तक कम और किसी भी कारण से मृत्यु का जोखिम करीब 24 प्रतिशत तक कम पाया गया।

हालांकि, इन आंकड़ों का मतलब यह नहीं है कि सीढ़ियां चढ़ने से निश्चित रूप से मृत्यु का जोखिम इतना ही कम हो जाता है। यह रिसर्च मुख्य रूप से सीढ़ियां चढ़ने और बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के बीच संबंध दिखाती है।

करीब 4.80 लाख लोगों के डेटा का विश्लेषण

इस रिसर्च में शोधकर्ताओं ने करीब 1,900 अध्ययनों की समीक्षा की। इनमें से उच्च गुणवत्ता वाले 9 अध्ययनों को अंतिम विश्लेषण के लिए चुना गया। इन अध्ययनों में शामिल 4.80 लाख से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।

प्रतिभागियों की उम्र लगभग 35 से 84 वर्ष के बीच थी। अध्ययन में करीब 53 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं। इसमें ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्हें पहले से हृदय संबंधी बीमारी थी और ऐसे लोग भी जिनमें पहले कोई हृदय रोग नहीं था।

प्रतिभागियों की औसतन करीब 14 वर्षों तक निगरानी की गई। लंबे समय तक किए गए इस फॉलो-अप से शोधकर्ताओं को सीढ़ियां चढ़ने और लंबे समय के स्वास्थ्य परिणामों के बीच संबंध को समझने में मदद मिली।

सीढ़ियां चढ़ने से दिल को क्यों हो सकता है फायदा?

सीढ़ियां चढ़ना सामान्य चलने की तुलना में शरीर के लिए अधिक मेहनत वाली गतिविधि है। इसमें पैरों के साथ शरीर की कई बड़ी मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और हृदय की धड़कन तेज होती है।

नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने से कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस बेहतर हो सकती है। इसके अलावा शरीर को रोजाना सक्रिय रखने से लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञ भी आमतौर पर लोगों को दिनभर लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में छोटे एक्टिविटी ब्रेक लेने की सलाह देते हैं। ऐसे में सीढ़ियों का इस्तेमाल रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है।

रोज 6 मंजिल सीढ़ियां चढ़ने की क्यों हो रही चर्चा?

स्टडी में शामिल एक बड़े कोहोर्ट अध्ययन से संकेत मिला कि रोजाना करीब 6 मंजिल सीढ़ियां चढ़ना हृदय स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है।

हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि हर व्यक्ति को रोजाना अनिवार्य रूप से छह मंजिल सीढ़ियां ही चढ़नी चाहिए। शोधकर्ताओं ने भी सीढ़ियां चढ़ने की आदर्श मात्रा तय करने के लिए आगे और रिसर्च की जरूरत बताई है।

अगर कोई व्यक्ति अभी बिल्कुल सक्रिय नहीं है, तो अचानक ज्यादा सीढ़ियां चढ़ने के बजाय धीरे-धीरे अपनी शारीरिक गतिविधि बढ़ाना बेहतर माना जाता है।

हार्ट अटैक और स्ट्रोक से भी जुड़ा कम जोखिम

रिव्यू में शामिल अध्ययनों से यह भी संकेत मिला कि नियमित सीढ़ियां चढ़ने वाले लोगों में हृदय रोग, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे कार्डियोवैस्कुलर परिणामों का जोखिम कम देखा गया।

यह निष्कर्ष इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हृदय रोग दुनियाभर में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से शामिल की जा सकने वाली गतिविधियां व्यक्ति की कुल शारीरिक सक्रियता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।

जिम के लिए अलग से समय निकालना जरूरी नहीं

सीढ़ियां चढ़ने की एक बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए अलग से एक्सरसाइज का समय निकालना जरूरी नहीं होता। घर, ऑफिस, स्कूल-कॉलेज या किसी अन्य इमारत में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करके रोज की गतिविधि बढ़ाई जा सकती है।

अगर किसी व्यक्ति के पास रोज एक घंटे जिम जाने का समय नहीं है, तो वह अपनी सामान्य दिनचर्या में छोटी-छोटी गतिविधियां शामिल करके भी सक्रिय रह सकता है।

उदाहरण के लिए, थोड़ी दूरी के लिए पैदल चलना, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और लंबे समय तक बैठने के बीच छोटे एक्टिविटी ब्रेक लेना रोज की गतिविधि बढ़ाने के आसान तरीके हो सकते हैं।

लेकिन हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नियम नहीं

सीढ़ियां चढ़ना सामान्य तौर पर अच्छी शारीरिक गतिविधि हो सकती है, लेकिन हर व्यक्ति की क्षमता अलग होती है। हृदय रोग, सांस की बीमारी, गंभीर जोड़ों की समस्या या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार ही शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए।

सीढ़ियां चढ़ते समय सीने में दर्द, बहुत ज्यादा सांस फूलना, चक्कर आना या असामान्य कमजोरी महसूस हो तो गतिविधि रोककर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

स्टडी ने क्या साबित किया और क्या नहीं?

इस रिसर्च की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे सीढ़ियां चढ़ने से मृत्यु या हृदय रोग का जोखिम निश्चित रूप से कम होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

अध्ययन मुख्य रूप से ऑब्जर्वेशनल डेटा और रिव्यू पर आधारित है। इसका मतलब है कि नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने वाले लोग सामान्य तौर पर ज्यादा सक्रिय, स्वस्थ या बेहतर जीवनशैली अपनाने वाले भी हो सकते हैं। इसलिए स्वास्थ्य परिणामों पर दूसरे कारकों का प्रभाव भी संभव है।

यही वजह है कि 24 प्रतिशत या 39 प्रतिशत की कमी को हर व्यक्ति पर लागू होने वाली गारंटी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। आगे नियंत्रित और बेहतर डिजाइन वाले अध्ययनों से यह समझने में मदद मिल सकती है कि सीढ़ियां चढ़ने की कितनी मात्रा और किस तरह की गतिविधि सबसे ज्यादा लाभदायक हो सकती है।

कब और कितनी सीढ़ियां चढ़ें?

फिलहाल इस रिसर्च को रोजाना छह मंजिल सीढ़ियां चढ़ने की अनिवार्य सलाह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अपनी उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधि बढ़ाना बेहतर तरीका है।

छोटी शुरुआत के तौर पर लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ दिन में थोड़ी पैदल चाल और लंबे समय तक बैठे रहने के बीच छोटे एक्टिविटी ब्रेक भी लिए जा सकते हैं।

नई रिसर्च एक बार फिर इस ओर संकेत करती है कि रोजमर्रा की छोटी लेकिन नियमित शारीरिक गतिविधियां लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं। करीब 4.80 लाख लोगों के डेटा के विश्लेषण में सीढ़ियां चढ़ने और हृदय रोग तथा कुल मृत्यु के कम जोखिम के बीच संबंध सामने आया।

रोजाना करीब छह मंजिल सीढ़ियां चढ़ने को लेकर मिले संकेत को निश्चित मेडिकल सिफारिश नहीं माना जाना चाहिए। फिर भी यह रिसर्च बताती है कि फिट रहने के लिए हर बार जिम में लंबा वर्कआउट करना ही जरूरी नहीं है। अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में सुरक्षित तरीके से शारीरिक गतिविधि बढ़ाना भी स्वास्थ्य के लिए एक उपयोगी कदम हो सकता है।

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