कर्नाटक में आईपीसी करेगी ₹83,480 करोड़ का निवेश, बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर

बेंगलुरु। लक्जमबर्ग की कंपनी इनोवेशन प्लेटफॉर्म कैपिटल (आईपीसी) ने कर्नाटक में तीन चरणों में कुल ₹83,480 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। कंपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में काम करती है। प्रस्तावित परियोजना के तहत बेंगलुरु-तुमकुरु क्षेत्र में एकीकृत हरित हाइड्रोजन और हाइपरस्केल डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा।
कर्नाटक के भारी और मध्यम उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने सोमवार को आईपीसी ग्लोबल के प्रबंध भागीदार और चेयरमैन गुरशरण सिंह कुंदन के नेतृत्व में आए कंपनी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ परियोजना को लेकर चर्चा की। मंत्री ने बताया कि कंपनी ने राज्य में बड़े पैमाने पर डिजिटल और हरित ऊर्जा से जुड़ा बुनियादी ढांचा विकसित करने की योजना पेश की है।
पहले चरण में ₹17,114 करोड़ का निवेश
प्रस्तावित एकीकृत परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। इसके पहले चरण में ₹17,114 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। पूरी परियोजना के तहत कुल 2,250 मेगावाट का आईटी लोड और 1,000 मेगावाट की हरित हाइड्रोजन क्षमता विकसित करने की योजना है।
यह परियोजना कर्नाटक में डेटा सेंटर और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बेंगलुरु-तुमकुरु क्षेत्र में बनेगा बड़ा डिजिटल हब
आईपीसी की योजना बेंगलुरु और तुमकुरु के बीच एक ऐसा एकीकृत प्लेटफॉर्म विकसित करने की है, जिसमें हाइपरस्केल डेटा सेंटर, हरित ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन को एक साथ जोड़ा जाएगा।
बड़े डेटा सेंटर के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। ऐसे में परियोजना में नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन को शामिल करने का उद्देश्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ऊर्जा जरूरतों को अधिक टिकाऊ तरीके से पूरा करना है।
कर्नाटक को मिल सकते हैं रोजगार और निवेश के अवसर
इतने बड़े निवेश से क्षेत्र में डेटा सेंटर, ऊर्जा, निर्माण, तकनीकी सेवाओं और संबंधित उद्योगों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, परियोजना से कर्नाटक की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को भी बढ़ावा मिल सकता है।
हालांकि, फिलहाल यह निवेश प्रस्ताव है और परियोजना की वास्तविक प्रगति संबंधित मंजूरियों, भूमि, वित्तीय व्यवस्था और अन्य प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
भारत में बढ़ रही डेटा सेंटर की मांग
क्लाउड कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के कारण भारत में बड़े डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कर्नाटक जैसे तकनीकी रूप से विकसित राज्य में इस तरह की परियोजनाएं डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
आईपीसी का ₹83,480 करोड़ का प्रस्ताव कर्नाटक में डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन को एक साथ विकसित करने की बड़ी योजना है। पहले चरण में ₹17,114 करोड़ के निवेश के साथ शुरू होने वाली यह परियोजना पूरी होने पर राज्य के डिजिटल और हरित ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा विस्तार दे सकती है।












