धमतरी के युवाओं को AI और डिजिटल स्किल्स की ट्रेनिंग, 1500 छात्र-छात्राओं ने सीखी भविष्य की तकनीक

रायपुर, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के युवाओं को भविष्य के रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करने जिला प्रशासन की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और डिजिटल स्किल्स पर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कन्या महाविद्यालय और पॉलिटेक्निक कॉलेज में आयोजित इन कार्यशालाओं में करीब 1500 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप आवश्यक कौशल प्रदान करना था। विद्यार्थियों को AI के व्यावहारिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
AI और डिजिटल स्किल्स पर फोकस
जिला प्रशासन की इस पहल के तहत विद्यार्थियों को बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और विभिन्न उद्योगों के काम करने के तरीके को तेजी से बदलने वाला है। ऐसे में युवाओं के लिए तकनीकी कौशल विकसित करना जरूरी है।
कार्यशाला में AI का पढ़ाई में उपयोग, जानकारी को बेहतर तरीके से समझने, रचनात्मक कार्यों में तकनीक के इस्तेमाल और भविष्य के रोजगार के लिए डिजिटल दक्षता विकसित करने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
कलेक्टर ने कहा- समय के साथ स्किल अपडेट करना जरूरी
कन्या महाविद्यालय और पॉलिटेक्निक कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कलेक्टर ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी दक्षता का है। केवल पारंपरिक डिग्री हासिल करना अब पर्याप्त नहीं है। युवाओं को समय के साथ अपनी स्किल्स को लगातार अपडेट करते रहना होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सीखने की ललक और तकनीक को अपने कौशल में शामिल करने वाले युवाओं के सामने रोजगार, स्वरोजगार और नवाचार के नए अवसर खुलेंगे।
कलेक्टर ने AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि तकनीक का उपयोग पढ़ाई को आसान बनाने, विषयों को गहराई से समझने और अपनी रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए।
छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि पात्र छात्राओं को इस योजना के तहत हर साल 30 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति मिल सकती है। इसका उपयोग ट्यूशन फीस और कौशल विकास जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
इसके अलावा विद्यार्थियों को आदिवासी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। युवाओं से इंटरनेट पर उपलब्ध निशुल्क ऑनलाइन कोर्स और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की गई।
तकनीक से जुड़े अवसरों के लिए तैयार होंगे युवा
जिला प्रशासन का मानना है कि AI और डिजिटल तकनीक की जानकारी युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल सकती है। तकनीकी कौशल के माध्यम से विद्यार्थी नौकरी के साथ-साथ फ्रीलांसिंग, डिजिटल सेवाओं, स्टार्टअप और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं।
इस दौरान नगर निगम आयुक्त, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।












