‘बंटवारा 1947’ में सनी देओल के मुस्लिम किरदार पर राजकुमार संतोषी ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों चुना सिकंदर मिर्जा का रोल

मुंबई। सनी देओल स्टारर फिल्म ‘बंटवारा 1947’ इन दिनों अपनी कहानी और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को लेकर चर्चा में है। फिल्म में सनी देओल ने पहली बार एक मुस्लिम किरदार सिकंदर मिर्जा की भूमिका निभाई है। उनकी यह भूमिका अभिनेता की अब तक की चर्चित देशभक्त और एक्शन हीरो वाली छवि से काफी अलग है। फिल्म के कमजोर बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सनी देओल को मुस्लिम किरदार में दिखाना दर्शकों को पसंद नहीं आया। अब फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की है।
सनी को मुस्लिम किरदार देना था सोचा-समझा फैसला
राजकुमार संतोषी ने एक इंटरव्यू में बताया कि सनी देओल को मुस्लिम किरदार में लेने के फैसले पर चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। उन्होंने कहा कि सिकंदर मिर्जा का किरदार कहानी के लिहाज से बिल्कुल सही था और सनी के लिए यह एक अलग तरह की अभिनय चुनौती भी थी।
संतोषी के मुताबिक, सनी इस भूमिका को लेकर काफी उत्साहित थे। उनका कहना है कि अभिनेता की पिछली फिल्मों की छवि को देखते हुए यह किरदार निश्चित रूप से अलग था, लेकिन इसी वजह से इसे निभाना और भी दिलचस्प था।
‘गदर’ और ‘बॉर्डर’ की इमेज से बिल्कुल अलग किरदार
सनी देओल को ‘गदर’ और ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों के जरिए एक मजबूत, देशभक्त और एक्शन हीरो के तौर पर पहचान मिली है। इन फिल्मों में वह दुश्मनों के खिलाफ मोर्चा संभालते नजर आए थे।
इसके उलट ‘बंटवारा 1947’ में उनका किरदार सिकंदर मिर्जा एक मुस्लिम व्यक्ति है, जो कट्टरपंथ का विरोध करता है। फिल्म के जरिए किरदार को इंसानियत और शांति के पक्ष में खड़ा दिखाया गया है।
राजकुमार संतोषी के मुताबिक, यही विरोधाभास इस कास्टिंग को खास बनाता है। वह सनी की लोकप्रिय छवि का इस्तेमाल करते हुए दर्शकों तक एक अलग तरह का संदेश पहुंचाना चाहते थे।
सनी देओल को ही क्यों चुना?
राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी पहले भी ‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी है। संतोषी ने बताया कि दोनों की पुरानी दोस्ती जरूर है, लेकिन फिल्म में सनी को लेने की मुख्य वजह उनकी स्टार पावर और अभिनय क्षमता थी।
निर्देशक चाहते थे कि ‘बंटवारा 1947’ ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचे। इसलिए उन्होंने एक लोकप्रिय स्टार को इस भूमिका में लेने का फैसला किया। उनका मानना था कि सनी देओल जैसे बड़े नाम के जरिए फिल्म की कहानी को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है।
2008 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
संतोषी ने बताया कि ‘बंटवारा 1947’ का विचार करीब 2008 में सामने आया था। शुरुआत में वह किसी दूसरी फिल्म पर काम करने की योजना बना रहे थे, लेकिन बाद में इस विषय ने उनका ध्यान खींचा।
कहानी तय होने के बाद उन्होंने सनी देओल से इस प्रोजेक्ट को लेकर बात की। सनी को भी कहानी पसंद आई और दोनों ने इस फिल्म पर काम शुरू करने का फैसला किया। संतोषी का कहना है कि वह इस कहानी को एक मेनस्ट्रीम फिल्म के रूप में दर्शकों तक पहुंचाना चाहते थे।
बॉक्स ऑफिस पर कमजोर प्रदर्शन
14 अगस्त 2026 को रिलीज हुई ‘बंटवारा 1947’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। करीब 150 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म ने पहले सप्ताह में लगभग 33.60 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया।
फिल्म की रिलीज का समय स्वतंत्रता दिवस के आसपास था, लेकिन इसके बावजूद कारोबार कमजोर रहा। इसके अलावा फिल्म की टक्कर ‘आवारापन 2’ से भी हुई, जिसे बॉक्स ऑफिस पर क्लैश की एक वजह माना जा रहा है।
कहानी के संदेश की हुई तारीफ
कमाई के मामले में कमजोर रहने के बावजूद फिल्म की थीम को लेकर चर्चा हुई है। विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म धर्म के नाम पर नफरत के बजाय इंसानियत और भाईचारे का संदेश देने की कोशिश करती है।
सनी देओल का सिकंदर मिर्जा का किरदार भी इसी विचार का प्रतिनिधित्व करता है। राजकुमार संतोषी ने स्पष्ट किया कि सनी को मुस्लिम किरदार में पेश करना उनकी छवि बदलने के लिए नहीं, बल्कि कहानी की जरूरत के मुताबिक लिया गया रचनात्मक फैसला था।












