जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 39 लोगों की मौत; हजारों घर तबाह, सुनामी एडवाइजरी से मची हलचल

टोक्यो: जापान के कुमामोटो क्षेत्र में 28 जुलाई 2026 को आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। दोपहर करीब 4:27 बजे आए इस भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 7.1 दर्ज की गई। जापान के भूकंप अनुसंधान अधिकारियों के मुताबिक कुमामोटो प्रांत के कुछ इलाकों में जापानी भूकंपीय पैमाने पर अधिकतम 7 की तीव्रता दर्ज हुई।
भूकंप के बाद कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, सड़कें टूट गईं और बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई। कई जगहों पर आग और ढांचागत नुकसान की घटनाएं भी सामने आईं। जापान सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
39 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल
भूकंप के बाद शुरुआती घंटों में मौतों का आंकड़ा कम था, लेकिन राहत और बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या बढ़ती गई। 16 अगस्त तक उपलब्ध आपदा आंकड़ों के अनुसार 39 लोगों की मौत, 27 लोग गंभीर रूप से घायल और 331 लोग मामूली रूप से घायल हुए थे।
भूकंप से मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। 16 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार 1,287 मकान पूरी तरह नष्ट, 1,185 आधे ढहे और 11,480 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए थे।
भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट
शक्तिशाली भूकंप के तुरंत बाद जापान के अधिकारियों ने समुद्री इलाकों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की थी। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार अरियाके सागर के लिए करीब 1 मीटर तक की सुनामी लहरों की चेतावनी दी गई थी और लोगों से तटीय क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया था।
बाद में सुनामी का खतरा कम होने पर एडवाइजरी हटा दी गई। हालांकि, अधिकारियों ने लोगों को भूकंप के बाद आने वाले तेज आफ्टरशॉक्स को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी थी।
मॉल का हिस्सा ढहा, फैक्ट्री में भी बड़ा हादसा
भूकंप से कुमामोटो के काशिमा इलाके में एक शॉपिंग मॉल को भी भारी नुकसान पहुंचा। भूकंप के बाद मॉल के हिस्से में विस्फोट की घटना हुई और इमारत का एक हिस्सा ढह गया। शुरुआती रिपोर्टों में गैस रिसाव की आशंका भी जताई गई थी। राहत दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया।
यात्सुशिरो स्थित एक पेपर मिल में भी चिमनी ढहने की घटना हुई, जिसमें लोगों की मौत हुई। इसके अलावा कई सड़कों, पुलों और इमारतों को नुकसान पहुंचा।
सड़कें टूटीं, ट्रेन और विमान सेवाएं प्रभावित
भूकंप का असर केवल मकानों तक सीमित नहीं रहा। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। कुछ समय के लिए बुलेट ट्रेन सेवाओं को भी रोकना पड़ा। कुमामोटो क्षेत्र में हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा।
बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी के मौसम में राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए हालात और मुश्किल हो गए।
जापान सरकार ने बड़े पैमाने पर चलाया राहत अभियान
भूकंप के तुरंत बाद जापान सरकार ने आपातकालीन मुख्यालय बनाया। पुलिस, दमकल विभाग, कोस्ट गार्ड और सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज की टीमों को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया।
जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार शुरुआती राहत अभियान में करीब 3,600 सेल्फ-डिफेंस फोर्स कर्मियों को प्रभावित इलाकों में भेजा गया था। सरकार ने बचाव कार्य में मानव जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे।
आफ्टरशॉक्स का भी बना रहा खतरा
मुख्य भूकंप के बाद कुमामोटो क्षेत्र में लगातार आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए। जापान के Earthquake Research Committee के अनुसार 29 जुलाई दोपहर तक 1 या उससे अधिक तीव्रता वाले 194 भूकंपीय झटके दर्ज किए जा चुके थे। इनमें एक झटका अधिकतम 7 की तीव्रता वाला और तीन झटके 5-लोअर की तीव्रता वाले थे।
विशेषज्ञों ने मुख्य भूकंप के बाद शुरुआती दिनों में और तेज झटकों की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी थी।
USGS और जापानी एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर क्यों?
इस भूकंप की तीव्रता को लेकर अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर भी सामने आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी और जापानी आधिकारिक मूल्यांकन में भूकंप की तीव्रता M7.1 दर्ज की गई, जबकि USGS ने बाद में इसे 6.8 आंका। यह अंतर अलग-अलग भूकंपीय माप प्रणालियों और आंकड़ों के विश्लेषण के कारण हो सकता है।












