PM CARES फंड पर कुनिका सदानंद के तीखे सवाल, PM मोदी से बोलीं- गांवों के स्कूलों और सड़कों पर खर्च करें पैसा

सबटाइटल: झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में पहुंचीं अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम केयर्स फंड के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए।
अभिनेत्री कुनिका सदानंद एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में पहुंचीं कुनिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पीएम केयर्स फंड में मौजूद राशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पैसे का उपयोग गांवों और दूर-दराज के इलाकों में स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए किया जाना चाहिए।
कुनिका सदानंद रविवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचीं, जहां कुछ छात्र भर्ती परीक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे थे। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पीएम केयर्स फंड को लेकर अपनी राय रखी।
पीएम केयर्स फंड पर कुनिका ने उठाए सवाल
कुनिका सदानंद ने अपने पोस्ट में दावा किया कि पीएम केयर्स फंड में करीब 9,000 करोड़ रुपये हैं। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव दिया कि इस राशि का इस्तेमाल ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने सरकार पर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा पर भ्रष्ट नेताओं को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, ये कुनिका सदानंद के राजनीतिक आरोप और उनकी व्यक्तिगत राय हैं।
कुनिका ने अपने बयान में कहा कि पीएम केयर्स फंड की राशि का इस्तेमाल गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों में स्कूल बनाने या पुराने स्कूलों की मरम्मत करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों तक पहुंचने वाली सड़कों और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी इस खर्च में शामिल करने की बात कही।
‘पैसे का इस्तेमाल स्कूलों और बुनियादी सुविधाओं में हो’
कुनिका सदानंद ने कहा कि यदि फंड में इतनी बड़ी राशि उपलब्ध है तो इसका इस्तेमाल ऐसे कामों में किया जाना चाहिए, जिनका सीधा फायदा आम लोगों और खासकर ग्रामीण बच्चों को मिल सके।
उनका सुझाव था कि दूर-दराज के इलाकों में स्कूलों का निर्माण, पुराने स्कूल भवनों की मरम्मत, बेहतर शौचालय और स्कूलों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़कों जैसी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पिछले कुछ समय में इस फंड का इस्तेमाल किस तरह और किन परिस्थितियों में किया गया है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने सरकार से फंड के उपयोग को लेकर अधिक पारदर्शिता की मांग भी की।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन में पहुंचीं कुनिका
कुनिका सदानंद का यह बयान ऐसे समय आया है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। अभिनेत्री ने रांची पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
कुनिका ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि सरकार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति अधिक संवेदनशील और संवाद के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके मुताबिक छात्र किसी विशेष लाभ की मांग नहीं कर रहे, बल्कि निष्पक्ष प्रक्रिया और अपनी बात सुने जाने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ बातचीत करने और उनकी शिकायतों का समाधान निकालने की अपील की।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद भी चर्चा में रही थीं
कुनिका सदानंद इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन में शामिल होने के कारण भी चर्चा में रही थीं। उन्होंने युवाओं और प्रदर्शनकारियों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी थी।
कुनिका अक्सर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक तथा सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय व्यक्त करती हैं। सरकार की नीतियों से लेकर शिक्षा और युवाओं से जुड़े विषयों पर उनके बयान कई बार सुर्खियां बन चुके हैं।
कौन हैं कुनिका सदानंद?
कुनिका सदानंद हिंदी फिल्म और टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में काम किया है।
उनकी चर्चित फिल्मों में खिलाड़ी, बेटा, गुमराह, किंग अंकल, मोहरा, कोयला, प्यार किया तो डरना क्या, हम साथ-साथ हैं और पेज 3 शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने स्वाभिमान, अदालत, दिल्ली वाली ठाकुर गर्ल्स, अकबर बीरबल और काल भैरव रहस्य जैसे टेलीविजन धारावाहिकों में भी काम किया है।
हाल के वर्षों में वह अभिनय के साथ-साथ सोशल मीडिया पर अपनी राजनीतिक और सामाजिक टिप्पणियों के कारण भी सुर्खियों में रही हैं।
PM CARES फंड को लेकर क्यों होती है चर्चा?
पीएम केयर्स फंड की स्थापना कोरोना महामारी के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने और राहत कार्यों के लिए की गई थी। समय-समय पर इस फंड की राशि और उसके इस्तेमाल को लेकर सार्वजनिक बहस होती रही है।
कुनिका सदानंद ने इसी मुद्दे को उठाते हुए सवाल किया है कि उपलब्ध धन का इस्तेमाल शिक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आम लोगों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में किस तरह किया जा सकता है।
हालांकि, फंड में मौजूद राशि और उसके इस्तेमाल को लेकर अभिनेत्री द्वारा किए गए दावों तथा सुझावों को उनके बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। फंड की वास्तविक उपलब्ध राशि, खर्च और मौजूदा उपयोग की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक वित्तीय रिकॉर्ड से ही की जानी चाहिए।
कुनिका का संदेश क्या है?
कुनिका सदानंद के पूरे बयान का मुख्य फोकस यह है कि सरकार को छात्रों की शिकायतें सुननी चाहिए और उपलब्ध सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल शिक्षा तथा बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में करना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर ग्रामीण स्कूलों, शौचालयों और सड़कों का मुद्दा उठाया है।












