
चामराजनगर के जंगल में तीन लोगों की मौत को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की टिप्पणी पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे में किसी राज्य को दूसरे राज्य के आंतरिक प्रशासन और कानून-व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
बेंगलुरु। कर्नाटक के चामराजनगर जिले में तीन तमिलनाडु मूल के लोगों की मौत को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 15 अगस्त को हुई घटना पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विजय की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए तमिलनाडु को कर्नाटक के आंतरिक मामलों से दूर रहने की सलाह दी है।
शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों के अपने-अपने मुद्दे हैं और प्रत्येक राज्य को अपने प्रशासन तथा कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने संघीय ढांचे का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी राज्य को दूसरे राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
‘उन्हें अपना काम करने दें, हम अपना काम करेंगे’
डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने कभी तमिलनाडु के प्रशासन या कानून-व्यवस्था के मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया और वह वहां की समस्याओं पर टिप्पणी भी नहीं करना चाहते। उन्होंने तमिलनाडु के नेताओं से भी कर्नाटक के प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करने से बचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि हर राज्य के सामने अपनी अलग चुनौतियां होती हैं और राज्यों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए। शिवकुमार ने यह भी कहा कि कर्नाटक सरकार अपने राज्य के हितों की रक्षा करने में सक्षम है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 15 अगस्त 2026 को कर्नाटक के चामराजनगर जिले के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना से जुड़ा है। कर्नाटक के वन विभाग के अनुसार, एंटी-पोचिंग अभियान के दौरान कथित शिकारियों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर गोलीबारी की। इसके बाद कर्मचारियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार के रूप में हुई है। तीनों तमिलनाडु मूल के बताए गए हैं और कर्नाटक के हनूर तालुक के गांवों में रह रहे थे।
विजय ने कर्नाटक सरकार के दावे पर उठाए सवाल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना पर कर्नाटक वन विभाग की ओर से दी गई सफाई को अस्वीकार्य बताया था। उन्होंने मामले की ईमानदार और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। तमिलनाडु में इस घटना को लेकर कई राजनीतिक दलों ने भी सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है।
विवाद बढ़ने के बाद तमिलनाडु की ओर से मामले में स्वतंत्र या केंद्रीय जांच की मांग भी उठी है। दूसरी ओर, कर्नाटक सरकार ने वन विभाग के कर्मचारियों की कार्रवाई का बचाव किया है और मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कर्नाटक विधानसभा में भी उठा मामला
घटना को लेकर सोमवार को कर्नाटक विधानसभा में भी चर्चा हुई। विपक्षी भाजपा ने घटना की न्यायिक जांच की मांग की। सरकार ने अपने अधिकारियों का बचाव करते हुए कहा कि कथित शिकारियों ने आत्मसमर्पण नहीं किया और वन विभाग के कर्मचारियों पर हमला किया था।
बढ़ सकता है दोनों राज्यों के बीच तनाव
कावेरी क्षेत्र से जुड़े इस मामले में मृतकों के तमिलनाडु से होने के कारण पड़ोसी राज्यों के बीच राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हुई है। एक तरफ तमिलनाडु सरकार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है, वहीं कर्नाटक सरकार इसे अपने प्रशासन और कानून-व्यवस्था का विषय बता रही है।
डीके शिवकुमार के ताजा बयान के बाद यह मामला अब केवल वन विभाग की कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है।












