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15 अगस्त से बदल जाएंगे मोटर वाहन से जुड़े कई नियम, ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर बीमा तक जानें क्या होगा नया

15 अगस्त से बदलेंगे मोटर वाहन नियम, ड्राइविंग लाइसेंस और ट्रैफिक जुर्माने को लेकर जानें क्या बदलेगा

 

नई दिल्ली। देशभर में वाहन चलाने वाले लोगों के लिए 15 अगस्त 2026 से कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत मोटर यान अधिनियम में किए गए संशोधनों को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। नए प्रावधानों का सीधा असर ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के दस्तावेज, ट्रैफिक उल्लंघन, मोटर बीमा और सड़क दुर्घटना मुआवजे से जुड़े मामलों पर पड़ेगा।

नए नियमों में जहां कुछ मामलों में वाहन चालकों को राहत दी गई है, वहीं बिना वैध बीमा वाहन चलाने, खतरनाक स्थिति वाले वाहन को सड़क पर उतारने और सड़क सुरक्षा व प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने जैसे मामलों में सख्ती बढ़ाई गई है।

लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी 30 दिन की राहत

नए प्रावधानों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त होते ही उसे तुरंत पूरी तरह अमान्य नहीं माना जाएगा। लाइसेंस की अवधि खत्म होने के बाद भी 30 दिनों तक इसकी वैधता प्रभावी रहेगी। इससे वाहन चालकों को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

इसके अलावा अब लाइसेंस की समाप्ति तिथि से एक साल पहले तक नवीनीकरण के लिए आवेदन किया जा सकेगा। समय पर आवेदन करने की स्थिति में नवीनीकृत लाइसेंस उसकी पिछली वैधता समाप्त होने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा।

वाहन के दस्तावेज जमा करने के लिए ज्यादा समय

वाहन के पंजीकरण प्रमाण-पत्र से जुड़े कुछ मामलों में दस्तावेज जमा करने की समय सीमा भी बढ़ाई गई है। पहले जहां इसके लिए 14 दिन का समय मिलता था, अब इसे बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है।

इस बदलाव से वाहन मालिकों को जरूरी दस्तावेज जुटाने और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।

छोटी ट्रैफिक गलती पर पहली बार चेतावनी

नए नियमों में कुछ ऐसे यातायात उल्लंघनों के लिए राहत दी गई है, जिनके लिए मोटर वाहन अधिनियम में अलग से कोई जुर्माना या दंड निर्धारित नहीं है। ऐसे मामलों में पहली बार गलती करने पर वाहन चालक को दर्ज चेतावनी दी जाएगी।

हालांकि, दूसरी या उसके बाद की गलती पर 500 से 1,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

बेवजह हॉर्न बजाने पर भी जुर्माना

बिना जरूरत लगातार हॉर्न बजाना, हॉर्न निषेध क्षेत्र में हॉर्न का इस्तेमाल करना या साइलेंसर के बजाय कट-आउट से धुआं निकालने वाले वाहन पर भी कार्रवाई होगी।

पहली बार उल्लंघन करने पर चेतावनी दी जा सकती है, जबकि दूसरी बार गलती करने पर 1,000 से 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

बिना थर्ड पार्टी बीमा वाहन चलाना पड़ेगा महंगा

वाहन का वैध थर्ड पार्टी बीमा नहीं होने पर अब जुर्माना ज्यादा हो सकता है। पहली बार बिना वैध मोटर थर्ड पार्टी बीमा वाहन चलाते पाए जाने पर निर्धारित मूल बीमा प्रीमियम का तीन गुना या 5,000 रुपये, जो भी अधिक होगा, दंड के रूप में लगाया जा सकता है।

दोबारा उल्लंघन करने पर यह राशि मूल बीमा प्रीमियम के पांच गुना या 10,000 रुपये, जो भी अधिक हो, तक हो सकती है।

दुर्घटना पीड़ितों के मुआवजे में नहीं होगी कटौती

सड़क दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर चोट की स्थिति में पीड़ित को मिलने वाली अनुग्रह राशि को अब मोटर दुर्घटना मुआवजे से घटाया नहीं जाएगा।

इसका मतलब है कि पीड़ित को किसी अन्य सरकारी या निर्धारित व्यवस्था के तहत मिलने वाली अतिरिक्त सहायता राशि के कारण उसके वैधानिक दुर्घटना मुआवजे में कटौती नहीं की जाएगी।

मुआवजा दावा करने के लिए अतिरिक्त समय

सड़क दुर्घटना मुआवजे के लिए आवेदन की सामान्य छह महीने की अवधि समाप्त होने के बाद भी पीड़ित को राहत मिल सकती है। पर्याप्त कारण होने पर दावा अधिकरण अगले अधिकतम 12 महीने तक आवेदन स्वीकार कर सकता है।

इसके साथ ही दावे का निपटारा 12 महीने के भीतर करने का प्रयास करना होगा। यदि किसी मामले में निर्धारित अवधि में फैसला नहीं हो पाता है तो देरी के कारणों को दर्ज करना होगा।

खतरनाक वाहन सड़क पर चलाया तो कार्रवाई

यदि किसी वाहन में ऐसा तकनीकी या यांत्रिक दोष है जिससे सड़क पर लोगों या दूसरे वाहनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है, तो ऐसे वाहन को चलाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

यदि इसी दोष के कारण दुर्घटना होती है और किसी व्यक्ति को चोट लगती है या संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो अलग से कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

प्रदूषण और सड़क सुरक्षा नियमों पर भी सख्ती

सड़क सुरक्षा या वायु प्रदूषण से जुड़े निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने पर पहली बार 10,000 रुपये तक का जुर्माना और तीन महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस से अयोग्य किए जाने का प्रावधान है।

इसका उद्देश्य वाहनों की फिटनेस, सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

किन मामलों में समझौते के जरिए खत्म होगा मामला?

नए नियमों में कुछ निर्धारित अपराधों को ही समझौता योग्य रखा गया है। यानी निर्धारित शुल्क या जुर्माना जमा करने के बाद नियमों के अनुसार ऐसे मामलों को समाप्त किया जा सकेगा।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • बिना मंजूरी किसी दूसरे व्यक्ति को वाहन चलाने देना
  • बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना
  • लाइसेंस से संबंधित निर्धारित अपराध
  • अधिक गति से वाहन चलाना
  • खतरनाक तरीके से वाहन चलाना
  • सड़क पर रेसिंग या स्पीड टेस्ट करना
  • सड़क सुरक्षा या वायु प्रदूषण मानकों का दूसरा या बाद का उल्लंघन
  • बिना पंजीकरण वाहन चलाना
  • पंजीकरण से जुड़े निर्धारित अपराध
  • एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहन को रास्ता नहीं देना
  • वाहन के ब्रेक या अन्य यांत्रिक हिस्सों में अनधिकृत बदलाव करना

वाहन चालकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

15 अगस्त से लागू होने वाले नए प्रावधानों को देखते हुए वाहन चालकों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता, वाहन का रजिस्ट्रेशन और थर्ड पार्टी बीमा समय रहते जांच लेना चाहिए। इसके अलावा वाहन की तकनीकी स्थिति ठीक रखना, प्रदूषण संबंधी मानकों का पालन करना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

नए नियमों में छोटी गलतियों के लिए पहली बार चेतावनी का प्रावधान जरूर किया गया है, लेकिन बार-बार उल्लंघन करने पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए वाहन चालकों के लिए नियमों की जानकारी रखना और उनका पालन करना सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।

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