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छत्तीसगढ़ में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों को मिलेगा विस्तार, मुख्य सचिव ने यूनिसेफ के साथ की समीक्षा

छत्तीसगढ़ में बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों का होगा विस्तार, यूनिसेफ के साथ मुख्य सचिव ने की समीक्षा

छत्तीसगढ़ में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ और राज्य शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर बच्चों से जुड़े स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और स्वच्छता सेवाओं को मजबूत करने तथा इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, विकास में देरी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जरूरतमंद बच्चों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।

बच्चों को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने पर जोर

स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत बच्चों को आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। बैठक में फोलेट, विटामिन, विटामिन बी-12 और जिंक जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूनिसेफ और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने माना कि बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए शुरुआती उम्र में पर्याप्त पोषण बेहद जरूरी है। इसी वजह से पोषण संबंधी योजनाओं की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाने पर चर्चा की गई।

सभी जिलों तक पहुंचेंगे बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम

बैठक में बच्चों के कम्युनिटी मैनेजमेंट से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार सभी जिलों तक करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही विकलांगता वाले बच्चों के माता-पिता को खानपान से संबंधित आवश्यक सहायता और जानकारी उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतों की पहचान और परिवारों को सही सलाह देने के लिए बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया जाए।

टेक होम राशन की गुणवत्ता बढ़ाने पर चर्चा

बैठक में टेक होम राशन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। घर पर बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार करने और उन्हें बेहतर तरीके से भोजन कराने की पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

ग्राम पंचायत स्तर पर अनाज बैंक की अवधारणा पर भी चर्चा हुई। इसके माध्यम से अनाज, दाल और फलियों जैसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने पर विचार किया गया।

किसानों तक पहुंचेंगे पोषक फसलों के बेहतर बीज

बच्चों के पोषण को कृषि व्यवस्था से जोड़ने पर भी बैठक में चर्चा हुई। राज्य के किसानों तक विविध और पोषक तत्वों से भरपूर फसलों तथा दालों की पहुंच बढ़ाने के लिए अच्छे गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ परिवारों के आहार में विविधता लाना है।

बस्तर में एनीमिया से निपटने विशेष अभियान

बैठक में बच्चों में एनीमिया की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में बच्चों में एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा राज्य में चलाए जा रहे एंटी-मलेरिया अभियान के कारण मलेरिया के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आने की जानकारी भी बैठक में दी गई।

बाल विवाह और मातृ-शिशु मृत्यु दर की समीक्षा

बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, एनीमिया नियंत्रण, कुपोषण और बाल विवाह जैसी चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इन समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, शिक्षा और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का प्रभाव केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव और समुदाय स्तर पर बच्चों एवं परिवारों को वास्तविक लाभ मिले।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चंपावत और आयुक्त समग्र शिक्षा सुश्री किरण कौशल सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों से संबंधित स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं को विभागीय समन्वय के साथ अधिक प्रभावी बनाना और प्रदेश के सभी जिलों में इन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना रहा।

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