100% टैरिफ लगा तो रूस-चीन के और करीब जाएगा भारत: अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल की चेतावनी
वॉशिंगटन। अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल ने भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका भारत पर इतना भारी टैरिफ लगाता है, तो भारत रूस और चीन के और करीब जा सकता है। यह टिप्पणी रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को लेकर हुई चर्चा के दौरान सामने आई है।
अमेरिकी सीनेट ने हाल ही में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ को 86-11 वोटों से पास किया है। इस बिल के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया जा सकता है, जो रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं। भारत और चीन इस सूची में प्रमुख रूप से शामिल हैं, क्योंकि दोनों रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदार हैं।
रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने इस प्रावधान का विरोध करते हुए इसे “अपने ही पैर पर गोली मारने” जैसा कदम बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका जिस समय चीन के खिलाफ रणनीतिक मुकाबले में भारत का सहयोग चाहता है, उसी समय भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाना पूरी तरह आत्मघाती है। पॉल के मुताबिक, ऐसे कदम से भारत अमेरिका से दूर होकर रूस और चीन के करीब जा सकता है, जो वाशिंगटन की वैश्विक रणनीति के उलट होगा।
सीनेटर ने यह भी चेताया कि इतने भारी टैरिफ से अमेरिकी उपभोक्ताओं और व्यवसायों को भी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि चीन और भारत जैसे देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाना अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। डेमोक्रेटिक सीनेटर रॉन वायडेन ने भी इस प्रावधान का विरोध किया है।
यह बिल अभी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में जाएगा। अगर दोनों सदनों से पास होकर कानून बन जाता है, तो राष्ट्रपति ट्रंप को भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा। हालांकि, टैरिफ स्वतः लागू नहीं होगा, बल्कि राष्ट्रपति के निर्णय पर निर्भर करेगा।












