‘द मंकी बिजनेस’ में फिर अर्जुन बख्शी के किरदार में नजर आएंगे अंशुमान झा

आदिल हुसैन और सारा जेन डियास समेत इंटरनेशनल कलाकारों की टीम भी शामिल
एंटरटेनमेंट डेस्क। अंशुमान झा की चर्चित एक्शन फ्रैंचाइज़ ‘लकड़बग्घा’ अब अपने दूसरे पार्ट ‘लकड़बग्घा 2 – द मंकी बिजनेस’ के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दस्तक देने जा रही है। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर बेल्जियम के ब्रुग्स में होने वाले रेज़र रील फ़्लैंडर्स फिल्म फेस्टिवल के 2026 कार्यक्रम में किया जाएगा। फिल्म को फेस्टिवल के आधिकारिक चयन में जगह मिली है।
फिल्म की खासियत सिर्फ इसका इंटरनेशनल प्रीमियर नहीं है, बल्कि इसकी कहानी और एक्शन को भी बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया गया है। फिल्म में भारतीय विजिलेंट कहानी को एशियन मार्शल आर्ट्स और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मुद्दों के साथ जोड़ा गया है।
फिर अर्जुन बख्शी के किरदार में अंशुमान झा
अंशुमान झा फिल्म में एक बार फिर अर्जुन बख्शी का किरदार निभा रहे हैं। अर्जुन जानवरों से प्यार करने वाला एक विजिलेंट है, जो अपराध और जानवरों के खिलाफ होने वाली क्रूरता के विरुद्ध अपने तरीके से लड़ता है।
पहली फिल्म में स्थापित किए गए इस किरदार और उसकी दुनिया को सीक्वल में आगे बढ़ाया गया है। इस बार कहानी का दायरा पहले से ज्यादा बड़ा नजर आ रहा है और इसमें भारतीय कहानी के साथ अंतरराष्ट्रीय एक्शन शैली को जोड़ा गया है।
चीन और थाईलैंड के मार्शल आर्ट्स सितारे भी शामिल
‘लकड़बग्घा 2’ में भारतीय कलाकारों के साथ अंतरराष्ट्रीय एक्शन कलाकारों की टीम भी दिखाई देगी। फिल्म में सनी पैंग अहम भूमिका में हैं, जिन्हें ‘हेडशॉट’ और टॉम हार्डी स्टारर नेटफ्लिक्स फिल्म ‘हैवॉक’ जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता है।
इसके अलावा थाई मार्शल आर्ट्स कलाकार डैन चुपोंग भी फिल्म का हिस्सा हैं। उन्हें ‘ओंग बैक’ जैसी फिल्मों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
भारतीय कलाकारों में आदिल हुसैन, सारा जेन डियास, विक्रम कोचर और अंशुमान झा शामिल हैं।
फिल्म में वन्यजीव तस्करी भी बड़ा मुद्दा
फिल्म की कहानी सिर्फ एक्शन और मार्शल आर्ट्स तक सीमित नहीं है। इसमें अवैध वन्यजीव तस्करी और जानवरों के खिलाफ होने वाली हिंसा को भी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
फिल्म फेस्टिवल के निदेशक पैट्रिक वैन हाउवार्ट ने फिल्म के मार्शल आर्ट्स एक्शन और अवैध वन्यजीव तस्करी से जुड़े विषय की सराहना की है। उनके अनुसार फिल्म में हाथों से होने वाली लड़ाई के दृश्यों के साथ वन्यजीव तस्करी की क्रूरता को भी प्रमुखता से दिखाया गया है।
भारत-इंडोनेशिया को-प्रोडक्शन है फिल्म
‘लकड़बग्घा 2 – द मंकी बिजनेस’ की एक और खासियत इसका भारत-इंडोनेशिया को-प्रोडक्शन होना है। इससे फिल्म की कहानी और निर्माण का दायरा भारतीय सिनेमा से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचता है।
सीक्वल में भारतीय विजिलेंट स्टोरी को एशियन मार्शल आर्ट्स की एक्शन शैली के साथ मिलाया गया है। यही वजह है कि फिल्म को भारतीय एक्शन फ्रैंचाइज़ के साथ-साथ इंटरनेशनल जॉनर सिनेमा के तौर पर भी पेश किया जा रहा है।
कैमरे के पीछे भी अंशुमान झा की वापसी
फिल्म में अभिनय के साथ-साथ अंशुमान झा ने इसका निर्देशन भी किया है। यह फिल्म उनके निर्देशन में ‘लॉर्ड कर्जन की हवेली’ के बाद अगला प्रोजेक्ट है।
‘लकड़बग्घा 2’ के जरिए झा उस दुनिया में वापस लौट रहे हैं, जिसकी शुरुआत पहली ‘लकड़बग्घा’ फिल्म से हुई थी। सीक्वल में उसी किरदार को एक बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक्शन सेटअप में आगे बढ़ाया गया है।
बेल्जियम में पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय परीक्षा
ब्रुग्स में होने वाला वर्ल्ड प्रीमियर फिल्म के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के मंच पर इसकी प्रस्तुति से फिल्म को भारत के बाहर के दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री के सामने भी पहुंचने का अवसर मिलेगा।
‘लकड़बग्घा 2 – द मंकी बिजनेस’ इस तरह भारतीय विजिलेंट सिनेमा, वन्यजीव संरक्षण और एशियन मार्शल आर्ट्स को एक साथ जोड़ने वाली फिल्म के रूप में सामने आ रही है।












