मोबाइल की लत छुड़ाने निकलीं छत्तीसगढ़ की पहली महिला वेंट्रिलोक्विस्ट! डॉ. मिताली खोदियार और उनके कठपुतली साथी छक्कू की अनोखी कहानी

आवाज के जादू से बच्चों को सिखा रहीं जीवन के सबक, जानिए डॉ. मिताली खोदियार का सफर और सामाजिक काम
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डॉ. मिताली खोदियार अपनी अनोखी कला के जरिए बच्चों तक शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का संदेश पहुंचा रही हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ की पहली महिला वेंट्रिलोक्विस्ट यानी बिना होंठ हिलाए किसी दूसरे पात्र के बोलने का आभास पैदा करने वाली कलाकार के रूप में पहचाना जाता है। उनकी प्रस्तुतियों में ‘छक्कू’ नाम का कठपुतली पात्र बच्चों से बातचीत करता है, सवाल पूछता है और खेल-खेल में उन्हें अच्छी आदतों की सीख देता है।
आज जब बच्चों में मोबाइल और स्क्रीन पर अधिक समय बिताने की चिंता बढ़ रही है, तब मिताली खोदियार अपनी कला को जागरूकता का माध्यम बना रही हैं। उनकी कोशिश है कि बच्चे मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर पढ़ाई, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताने की अहमियत समझें। उनकी प्रस्तुति का खास पहलू यह है कि संदेश सीधे उपदेश की तरह देने के बजाय बच्चों के पसंदीदा कठपुतली पात्र के जरिए दिया जाता है।
ईटीवी भारत की प्रकाशित रिपोर्ट में भी उनके इस प्रयास का उल्लेख किया गया है। उनकी कला केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा को संवादपूर्ण और बच्चों के लिए सहज बनाने का एक तरीका भी है।
डॉ. मिताली खोदियार की उपलब्धियां और खास पहचान
डॉ. मिताली का परिचय केवल कठपुतली कलाकार के रूप में नहीं है। वह शिक्षाविद्, कहानीकार, लेखिका, अनुवादक और हास्य प्रस्तुतियां देने वाली कलाकार भी हैं। उनकी उपलब्धियों में कई ऐसी बातें शामिल हैं, जो उन्हें छत्तीसगढ़ की अलग पहचान वाली प्रतिभाओं में स्थान दिलाती हैं।
उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में उन्हें प्रदेश की पहली महिला वेंट्रिलोक्विस्ट बताया गया है। वह अपनी आवाज और कठपुतली ‘छक्कू’ के जरिए बच्चों से संवाद करती हैं और उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने उत्तर अमेरिका की कहानीकार सेज से विशेष प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र प्राप्त किया। कहानी सुनाने के माध्यम से बच्चों में पढ़ने, सुनने और कल्पनाशक्ति विकसित करने पर उनका जोर रहता है।
3. सर्वश्रेष्ठ केस स्टडी पुरस्कार
21 फरवरी 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर के ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल में डॉ. मिताली को शिक्षा के क्षेत्र में रचनात्मक प्रयोग और शैक्षणिक योगदान के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ केस स्टडी’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
4. पीएचडी की उपाधि
उनके सार्वजनिक व्यावसायिक परिचय में उल्लेख है कि उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल से उपाधि ग्रहण की। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में शोध विषय का स्पष्ट विवरण नहीं मिला।
प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उनकी कहानियां और कविताएं लंदन तथा कनाडा के रेडियो माध्यमों पर प्रसारित हुई हैं। अमेरिकी कार्यक्रम प्रस्तोता फ्रैंक लोगन ने भी उनका साक्षात्कार लिया था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वह विदेशी विद्यार्थियों को हिंदी सिखाती हैं और अंतरराष्ट्रीय ब्लॉग लेखकों तथा वीडियो निर्माताओं को भी हिंदी भाषा का प्रशिक्षण दे चुकी हैं।
डॉ. मिताली खोदियार से संपर्क कैसे करें?
उनकी उपलब्ध सार्वजनिक पहचान के आधार पर संपर्क के लिए ये माध्यम उपयोगी हैं:
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लिंक्डइन प्रोफाइल: डॉ. मिताली खोदियार से जुड़ें
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ईटीवी भारत की रिपोर्ट: बच्चों की मोबाइल की लत कम करने की उनकी पहल पढ़ें
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कठपुतली ‘छक्कू’ का वीडियो: यूट्यूब पर उनकी प्रस्तुति देखें
फोन नंबर या निजी वेबसाइट: खोज में उनका कोई ऐसा फोन नंबर या व्यक्तिगत वेबसाइट नहीं मिली, जिसे भरोसे के साथ उनका आधिकारिक संपर्क कहा जा सके। इसलिए कोई अपुष्ट नंबर प्रकाशित नहीं किया गया है। कार्यक्रम या विद्यालय में प्रस्तुति के लिए उनके सार्वजनिक लिंक के जरिए संपर्क करना बेहतर होगा।












