LatestNational

बदमाश की शादी में वर्दी पहनकर पहुंचे पुलिसकर्मी, वायरल तस्वीरों के बाद खुला राज

 

निगरानी बदमाश की शादी में ऑन-ड्यूटी पहुंचे दो पुलिसकर्मी, तस्वीरें वायरल होते ही निलंबन; 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

भोपाल में पुलिस विभाग से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिसकर्मियों की कार्यशैली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कजलीखेड़ा थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों को थाना क्षेत्र के एक निगरानी बदमाश की शादी में पुलिस वर्दी पहनकर शामिल होना भारी पड़ गया। शादी समारोह की तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबित पुलिसकर्मियों में उप निरीक्षक श्रीकांत द्विवेदी और सहायक उप निरीक्षक गदीश रघुवंशी शामिल हैं। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान पुलिस की वर्दी में निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे। खास बात यह रही कि कार्यक्रम सामान्य नहीं था, बल्कि थाना क्षेत्र में निगरानी बदमाश की शादी से जुड़ा था। यही वजह रही कि मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना।

शादी में वर्दी पहनकर पहुंचने की तस्वीरें हुईं वायरल

मामले का खुलासा तब हुआ, जब दोनों पुलिसकर्मियों की शादी समारोह में मौजूदगी की तस्वीरें इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर वायरल होने लगीं। तस्वीरों में दोनों पुलिसकर्मी वर्दी में नजर आ रहे थे। तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों तक भी मामला पहुंचा।

इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया और पुलिसकर्मियों के इस आचरण को लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कराई गई। शुरुआती तौर पर सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

निगरानी बदमाश की शादी में पहुंचना बना सबसे बड़ा सवाल

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि दोनों पुलिसकर्मी जिस कार्यक्रम में पहुंचे थे, वह थाना क्षेत्र के एक निगरानी बदमाश की शादी का था।

पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे ड्यूटी के दौरान निर्धारित नियमों और अनुशासन का पालन करें। ऐसे में किसी निगरानी बदमाश के निजी समारोह में ऑन-ड्यूटी वर्दी में पहुंचना पुलिस अधिकारियों के लिए गंभीर विषय बन गया।

मामले में यह भी जांच का विषय है कि दोनों पुलिसकर्मी किस परिस्थिति में शादी समारोह में पहुंचे थे और वहां उनकी मौजूदगी का कारण क्या था। इसी के चलते अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है।

डीसीपी ने माना घोर अनुशासनहीनता

पुलिस उपायुक्त जोन-04 आदर्शकांत शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार उनका यह कृत्य घोर अनुशासनहीनता, अशोभनीय और संदेहास्पद आचरण की श्रेणी में माना गया है।

पुलिस विभाग ने इसे पुलिस रेगुलेशन के पैरा-64 में उल्लेखित सेवा की सामान्य शर्तों का उल्लंघन माना है। इसी आधार पर दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।

निलंबन के बाद कहां रहेंगे दोनों पुलिसकर्मी?

कार्रवाई के तहत उप निरीक्षक श्रीकांत द्विवेदी और सहायक उप निरीक्षक गदीश रघुवंशी को निलंबित कर दिया गया है। दोनों को निलंबन अवधि के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय, चूनाभट्टी, भोपाल से संबद्ध किया गया है।

निलंबन अवधि में दोनों पुलिसकर्मी नियमानुसार वेतन-भत्तों की पात्रता रखेंगे। हालांकि, विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जा सकती है।

सात दिन में देनी होगी जांच रिपोर्ट

पुलिस विभाग ने केवल निलंबन तक मामला सीमित नहीं रखा है। पुलिस उपायुक्त ने पूरे प्रकरण की प्राथमिक जांच के निर्देश भी दिए हैं।

सहायक पुलिस आयुक्त, चूनाभट्टी को मामले की विस्तृत जांच करने और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि दोनों पुलिसकर्मी किस परिस्थिति में कार्यक्रम में पहुंचे, क्या वे वास्तव में ड्यूटी पर थे और उनकी वहां मौजूदगी के पीछे क्या वजह थी।

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई तय हो सकती है।

डेढ़ महीने में एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

भोपाल पुलिस में अनुशासन को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार कार्रवाई देखने को मिल रही है। जानकारी के मुताबिक पिछले करीब डेढ़ महीने के दौरान कजलीखेड़ा, बजरिया और कोतवाली सहित अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।

ऐसे में कजलीखेड़ा थाने के इन दोनों पुलिसकर्मियों का निलंबन भी विभाग की सख्ती की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

अब जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच शुरू हो चुकी है। वायरल तस्वीरों ने पूरे मामले को सामने ला दिया, जिसके बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई की।

अब सात दिनों के भीतर आने वाली जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि दोनों पुलिसकर्मी शादी समारोह में किस वजह से पहुंचे थे और उनकी भूमिका को लेकर विभागीय जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल पुलिस विभाग ने उनके आचरण को प्रथम दृष्टया गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button