उड़ते विमान में पायलटों के बीच कथित झड़प से मचा हड़कंप, हाईजैक की आशंका के बीच सऊदी में उतरी फ्लाईदुबई की फ्लाइट

दुबई से तेल अवीव जा रही FZ1073 में इमरजेंसी कोड 7700 और 7500 भेजे जाने से बढ़ी चिंता, इस्राइली लड़ाकू विमान भी हुए सक्रिय; तबूक एयरपोर्ट पर सभी यात्री सुरक्षित
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को हवा में कथित तौर पर पायलटों के बीच हुई झड़प के बाद अचानक हड़कंप मच गया। विमान से पहले आपात स्थिति का संकेत देने वाला 7700 और बाद में संभावित गैरकानूनी हस्तक्षेप यानी 7500 इमरजेंसी कोड भेजे गए। इन संकेतों के बाद विमान की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका पैदा हो गई।
विमान में करीब 180 यात्री सवार बताए गए हैं, जिनमें 100 से अधिक इस्राइली यात्री होने की जानकारी सामने आई। घटनाक्रम के बाद संभावित खतरे को देखते हुए इस्राइली वायुसेना के लड़ाकू विमानों को भी सक्रिय किया गया।
हालांकि, बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। फ्लाईदुबई ने पुष्टि की कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
आखिर विमान के अंदर हुआ क्या?
रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान कॉकपिट में पायलटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद कथित तौर पर दोनों के बीच हाथापाई की स्थिति पैदा हो गई।
इसी दौरान विमान से आपातकालीन संकेत भेजे गए। पहले 7700 कोड और उसके बाद 7500 कोड प्रसारित होने से विमान के संभावित अपहरण या किसी अन्य गंभीर सुरक्षा घटना की आशंका बढ़ गई।
हालांकि, घटना के वास्तविक कारण और कॉकपिट में क्या हुआ, इसकी आधिकारिक जांच अभी महत्वपूर्ण है। सामने आई शुरुआती रिपोर्टों में कई दावे किए गए हैं, लेकिन सभी दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हाईजैक की आशंका क्यों बढ़ी?
विमान से 7500 कोड भेजे जाने का मतलब आम तौर पर विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति का संकेत माना जाता है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां संभावित हाईजैक जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर प्रतिक्रिया देती हैं।
इसी वजह से इस्राइल में भी सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। संभावित खतरे को देखते हुए लड़ाकू विमानों को विमान की निगरानी के लिए तैयार किया गया।
एक इस्राइली अधिकारी ने दावा किया कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि विमान के हाईजैक होने या उसके जमीन से टकराने जैसी आशंका तक पैदा हो गई थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अलग से नहीं हुई है।
बाद में इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि स्थिति नियंत्रण में है और इसे हाईजैकिंग की घटना नहीं बताया गया।
विमान के काफी नीचे आने का भी दावा
घटना से जुड़ी रिपोर्टों में यह दावा भी सामने आया कि पायलटों के बीच विवाद के दौरान विमान अपनी सामान्य ऊंचाई से काफी नीचे आ गया था। एक रिपोर्ट में करीब 15 हजार मीटर तक नीचे आने का दावा किया गया है।
हालांकि, विमान की वास्तविक उड़ान ऊंचाई में कितना बदलाव हुआ और इसका कारण क्या था, इसकी आधिकारिक जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आपातकालीन कोड मिलने के बाद इस्राइल में सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति का आकलन शुरू किया और विमान की निगरानी के लिए लड़ाकू विमानों को सक्रिय किया।
यात्री ने सुनाई विमान के अंदर की कहानी
फ्लाइट में मौजूद एक यात्री के परिवार की ओर से भी घटना को लेकर जानकारी सामने आई है।
एक यात्री की मां यास्मिन अबू कासिस ने बताया कि उनकी बेटी ने विमान के अंदर चीखने की आवाजें सुनी थीं। उनके अनुसार, बेटी ने बताया कि एक व्यक्ति ने चाकू निकाला और पायलट को नीचे गिरा दिया। इस दौरान खून दिखाई देने की बात भी बताई गई।
रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया कि कथित हमलावर पायलट ओमानी मूल का था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि और घटना की पूरी परिस्थितियां अभी जांच का विषय हैं।
तबूक एयरपोर्ट पर कराई गई सुरक्षित लैंडिंग
घटना के बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान ने वहां सुरक्षित लैंडिंग की।
फ्लाईदुबई ने बताया कि FZ1073 दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर रही थी। रास्ते में एक घटना के बाद विमान को तबूक डायवर्ट किया गया।
एयरलाइन के अनुसार, विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए फ्लाईदुबई की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है।
कुछ समय के लिए इस्राइली एयरस्पेस भी बंद
घटना के दौरान सुरक्षा एहतियात के तौर पर इस्राइल के एयरस्पेस को कुछ समय के लिए बंद किए जाने की जानकारी सामने आई। विमान के सऊदी अरब में सुरक्षित उतरने के बाद इसे फिर से खोल दिया गया।
इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी घटनाक्रम पर नजर रखे जाने और यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।
जांच से साफ होगा असली घटनाक्रम
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि विमान के कॉकपिट में वास्तव में क्या हुआ था। क्या यह केवल पायलटों के बीच विवाद था या घटना के दौरान विमान की सुरक्षा को वास्तविक खतरा पैदा हुआ था—इसका जवाब आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल राहत की बात यह है कि विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर उतार लिया गया और फ्लाईदुबई के अनुसार सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं।
इस घटना ने हालांकि विमान में कॉकपिट सुरक्षा, आपातकालीन संचार और उड़ान के दौरान किसी भी संभावित गैरकानूनी हस्तक्षेप से निपटने की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।












