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आईआईटीयन और KBC कंटेस्टेंट योगेश साहू का अब UPSC पर फोकस, कलेक्टर से की मुलाकात

बलौदाबाजार के ग्राम टेहका निवासी योगेश ने साझा किया संघर्ष और KBC तक पहुंचने का सफर, कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने दिए UPSC तैयारी के टिप्स

बलौदाबाजार, 4 सितंबर 2026। जिले के प्रतिभाशाली युवा और ग्राम टेहका निवासी योगेश साहू ने गुरुवार को कलेक्टर कुलदीप शर्मा से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान योगेश ने आईआईटी बॉम्बे से बीटेक करने से लेकर लोकप्रिय टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) का हिस्सा बनने तक के अपने सफर और अनुभव कलेक्टर के साथ साझा किए।

योगेश वर्तमान में UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। मुलाकात के दौरान कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने उनसे उनकी तैयारी, लक्ष्य और अब तक के शैक्षणिक सफर को लेकर विस्तार से चर्चा की।

कलेक्टर ने दिए UPSC तैयारी के महत्वपूर्ण टिप्स

कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने UPSC की तैयारी को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए योगेश को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि UPSC का लक्ष्य बड़ा होता है और इसकी तैयारी के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और एकाग्रता जरूरी है।

उन्होंने विशेष रूप से UPSC प्रीलिम्स के बाद मेन्स की तैयारी के लिए मिलने वाले लगभग 120 दिनों को बेहद महत्वपूर्ण बताया। कलेक्टर ने कहा कि इस अवधि में अभ्यर्थी को पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी करनी चाहिए और अपना फोकस किसी भी तरह भटकने नहीं देना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने योगेश के साथ समय प्रबंधन, अध्ययन की रणनीति, विषयों की तैयारी और परीक्षा के विभिन्न चरणों से जुड़े उपयोगी सुझाव भी साझा किए।

ट्राइबल यूथ हॉस्टल की भी दी जानकारी

कलेक्टर ने दिल्ली में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल के बारे में भी योगेश को जानकारी दी। यहां UPSC की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है।

कलेक्टर ने योगेश को उनकी आगामी UPSC तैयारी में हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए उनके प्रयासों और लक्ष्य की सराहना की। उन्होंने आगामी परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए योगेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की मदद करना चाहते हैं योगेश

योगेश ने बताया कि UPSC परीक्षा में सफल होने के बाद वे आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने और उनकी मदद करने की दिशा में काम करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि अपने सफर के दौरान उन्हें जिन चुनौतियों और परेशानियों का सामना करना पड़ा, दूसरे बच्चों को ऐसी परिस्थितियों से न गुजरना पड़े, इसके लिए वे भविष्य में उनके लिए काम करना चाहते हैं।

ड्राइवर पिता के संघर्ष ने बनाया मजबूत

योगेश के पिता गयाराम साहू ड्राइवर के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना करते हुए बेटे की पढ़ाई और उसके सपनों को पूरा करने के लिए हरसंभव सहयोग किया।

योगेश की शिक्षा को आगे बढ़ाने में उनके पिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके सहयोग और मेहनत की बदौलत योगेश आईआईटी बॉम्बे तक पहुंचे। आईआईटी कैंपस में योगेश को अच्छी नौकरी का ऑफर भी मिला था, लेकिन उन्होंने नौकरी करने के बजाय UPSC की तैयारी को प्राथमिकता दी।

योगेश ने समाज के लोगों की सेवा करने के उद्देश्य से प्रशासनिक सेवा में जाने का संकल्प लिया है। मुलाकात के दौरान उनके परिजन भी मौजूद रहे।

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