chhattisgarhLatest

नैला में फिर सजेगा मां दुर्गा का भव्य दरबार, 2026 में इस बार क्या होगा खास? सामने आई पंडाल की नई थीम

जांजगीर-नैला में 2026 के दुर्गा उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामिनारायण मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। मां दुर्गा की प्रतिमा और साथ में बनने वाली अन्य प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता बढ़ गई है।

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-नैला का प्रसिद्ध दुर्गा उत्सव एक बार फिर भव्य रूप लेने जा रहा है। 2026 के नवरात्र को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और आयोजन स्थल का प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया है। इस बार नैला का दुर्गा पंडाल अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामिनारायण मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।

नैला का दुर्गोत्सव पिछले कई वर्षों से अपनी विशाल प्रतिमा, अलग-अलग देशों और प्रसिद्ध मंदिरों की थीम पर बनने वाले पंडाल तथा आकर्षक सजावट के लिए जाना जाता है। 2025 में यहां म्यांमार के श्वेत मंदिर की तर्ज पर करीब 140 फीट ऊंचा पंडाल बनाया गया था और मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई थी।

2026 में क्या होगी मां दुर्गा की प्रतिमा की ऊंचाई?

2026 की प्रतिमा की अंतिम ऊंचाई की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पिछले वर्षों में नैला में 35 फीट की भव्य मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाती रही है। 2024 में भी पांच शेरों के साथ 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई थी।

इस वजह से इस साल भी श्रद्धालुओं की नजर प्रतिमा के स्वरूप और ऊंचाई पर है, लेकिन जब तक समिति की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक 2026 की ऊंचाई को तय मानना सही नहीं होगा।

साथ में कौन-कौन सी प्रतिमाएं होंगी?

पिछले वर्षों में नैला के दुर्गोत्सव में मां दुर्गा के साथ उनके परिवार की प्रतिमाएं भी आकर्षण का केंद्र रही हैं। 2023 में भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय, माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की 15-15 फीट ऊंची प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं।

वहीं 2022 में मां दुर्गा के साथ भगवान शिव, गणेश, कार्तिकेय और माता पार्वती की प्रतिमाएं भी बनाई गई थीं।

हालांकि 2026 में कौन-कौन सी प्रतिमाएं होंगी और उनकी ऊंचाई कितनी होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

इस बार पंडाल की थीम होगी सबसे बड़ा आकर्षण

2026 में नैला का पंडाल अमेरिका के स्वामिनारायण मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इससे पंडाल की वास्तुकला और सजावट को लेकर लोगों में खास उत्सुकता है।

नैला में हर साल पंडाल की थीम बदलने की परंपरा रही है। पिछले वर्षों में अयोध्या के राम मंदिर, दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर, थाईलैंड के वाट अरुण और म्यांमार के श्वेत मंदिर जैसी थीम देखने को मिल चुकी हैं।

प्रशासन ने शुरू की तैयारियों की निगरानी

2 सितंबर 2026 को जांजगीर-चांपा के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने नैला दुर्गा उत्सव स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्किंग, प्रवेश-निकासी, स्वच्छता, फायर सेफ्टी, एंबुलेंस और बिजली व्यवस्था जैसी तैयारियों की समीक्षा की गई। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

2026 में नैला की मां दुर्गा का रूप कैसा होगा?

यही इस बार नैला दुर्गोत्सव का सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। पंडाल की थीम सामने आ चुकी है, लेकिन मां दुर्गा की 2026 की प्रतिमा का अंतिम स्वरूप, ऊंचाई, आभूषण और साथ में स्थापित होने वाली प्रतिमाओं की पूरी जानकारी समिति की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

नैला में पिछले वर्षों की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं को भव्य पंडाल और आकर्षक दुर्गा प्रतिमा देखने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button