छत्तीसगढ़ के गन्ना किसानों की बल्ले-बल्ले! अब 425 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा दाम, बोनस से भी बढ़ेगी कमाई

जानिए बोनस और प्रोत्साहन राशि का पूरा गणित………..
छत्तीसगढ़ के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने गन्ने का खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इसके साथ ही किसानों को बोनस राशि का लाभ भी दिया जा रहा है। सूरजपुर जिले के केरता स्थित मां महामाया शक्कर कारखाने में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को आयोजित आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों को बोनस राशि वितरित की।
गन्ने के दाम में बढ़ोतरी से किसानों की आमदनी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में किसानों ने सरकार के इस फैसले पर आभार जताया। लेकिन गन्ने की खेती के साथ दूसरी फसल अपनाने वाले किसानों के लिए भी सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी है।
गन्ने का खरीदी मूल्य अब 425 रुपये प्रति क्विंटल
छत्तीसगढ़ में गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। सरकार के इस फैसले से गन्ने की खेती करने वाले किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केरता शक्कर कारखाने में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों को बोनस राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

धान छोड़ दूसरी फसल लगाने पर मिलेंगे 15 हजार रुपये
कृषि मंत्री ने किसानों से केवल धान की खेती पर निर्भर नहीं रहने और दलहन तथा तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रावधानों के तहत धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य खेती में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और किसानों की आय के नए विकल्प तैयार करना है।
जैविक खेती अपनाने की अपील
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कम पानी और संतुलित उर्वरक के उपयोग में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
शक्कर कारखाने को विकसित करने पर जोर
मंत्री ने कहा कि सरगुजा अंचल के गन्ना उत्पादक किसानों की जरूरतों को देखते हुए मां महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना की पहल की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना था।
उन्होंने कहा कि अब कारखाने को और विकसित करने तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से इसकी आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाने की जरूरत है।
गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी
कार्यक्रम में सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने बताया कि रिवॉल्विंग फंड की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में उत्साह है। आगामी कार्ययोजना में शक्कर कारखाने की रिकवरी दर बढ़ाने और गन्ने की खेती का रकबा विस्तार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इससे कारखाने की उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ किसानों को भी अधिक आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम में ये जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कृषक चौपाल में प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते ने गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मां महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना से लेकर इसके विकास तक किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर, एसडीएम रमेश मोर, कृषि अधिकारी सम्पदा पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान उपस्थित रहे।












