रायपुर में सड़क पर उतरी भीम आर्मी, प्रदेश अध्यक्ष समेत 11 पर FIR… आखिर क्यों हुआ बवाल?

पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदर्शन करना पड़ा भारी, रायपुर में भीम आर्मी के 11 नेताओं पर मामला दर्ज
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदर्शन करना भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया। राजधानी के ओसीएम चौक पर सड़क जाम कर प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। आखिर पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में उतरे प्रदर्शनकारियों ने ऐसा क्या किया कि पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी? आइए जानते हैं पूरा मामला।
मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने निकले थे कार्यकर्ता
मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में भीम आर्मी के बैनर तले करीब 100 से 150 कार्यकर्ता प्रदर्शन करने के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचकर अभ्यर्थियों की मांगों को सरकार के सामने रखना था।
इसी दौरान प्रदर्शनकारी रायपुर के ओसीएम चौक पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई।
एंबुलेंस और स्कूल बसें भी जाम में फंसीं
प्रदर्शन के कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित होने से मरीजों को अस्पताल लेकर जा रही एंबुलेंस और स्कूली बच्चों को घर छोड़ने वाली बसें भी जाम में फंस गईं।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें नवा रायपुर के तूता स्थित निर्धारित धरना स्थल पर जाकर प्रदर्शन करने की समझाइश दी।
हालांकि, पुलिस की समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई की।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 लोगों पर एफआईआर
सड़क पर आवागमन बाधित करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद, जिला अध्यक्ष देवेंद्र मैरिसा, युवराज ढीढी समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक मार्ग बाधित करने के मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर जारी है आंदोलन
दरअसल, छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती से जुड़ी मांगों को लेकर अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में रिक्त पदों को भरने और दूसरी चयन सूची जारी करने जैसी मांगें भी इस आंदोलन से जुड़ी हैं।
इससे पहले भी भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कवर्धा में अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदर्शन किया था। वहां गृहमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया गया था, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया था।
फिलहाल रायपुर में सड़क जाम करने के मामले में 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद यह घटनाक्रम चर्चा में है। अब देखना होगा कि पुलिस की आगे की कार्रवाई क्या रहती है और पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है।












