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पेट्रोल पंप पर मचा हंगामा: 42 लीटर की टंकी में 48 लीटर से ज्यादा पेट्रोल भरने का दावा, कार चालक ने उठाए सवाल

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के गुडेली में डी.सी. पेट्रोल पंप का मामला, मशीन की रीडिंग को लेकर ग्राहक और कर्मचारियों में विवाद; पुलिस जांच में जुटी

सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के गुडेली क्षेत्र स्थित डी.सी. पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। बंजारी निवासी अनुपम खूंटे का आरोप है कि उनकी महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ कार में 42 लीटर क्षमता वाली फ्यूल टंकी के बावजूद मशीन में 48 लीटर से अधिक पेट्रोल की रीडिंग दर्ज हुई। मशीन की रीडिंग और बिल देखने के बाद ग्राहक ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों से सवाल किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

42 लीटर की टंकी में 48 लीटर से ज्यादा पेट्रोल की रीडिंग

अनुपम खूंटे अपनी कार में पेट्रोल भरवाने के लिए डी.सी. पेट्रोल पंप पहुंचे थे। पेट्रोल भरने के बाद उन्होंने मशीन की रीडिंग और बिल देखा, जिसमें 48 लीटर से अधिक पेट्रोल दर्ज था।

ग्राहक का कहना है कि उनकी कार की फ्यूल टंकी की क्षमता कंपनी के अनुसार करीब 42 लीटर है। ऐसे में टंकी की क्षमता और मशीन में दर्ज पेट्रोल की मात्रा में अंतर देखकर उन्होंने पंप कर्मचारियों से इसकी जानकारी मांगी।

इसी बात को लेकर ग्राहक और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पेट्रोल पंप परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।

विवाद बढ़ा तो पहुंची पुलिस

मामला बढ़ने के बाद डायल 112 को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद ग्राहक और पेट्रोल पंप प्रबंधन से जुड़े लोगों को थाने ले जाया गया।

पुलिस के स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पेट्रोल पंप की मशीन और माप व्यवस्था की तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक स्थिति क्या थी।

पेट्रोल पंप प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार

वहीं, डी.सी. पेट्रोल पंप प्रबंधन ने मशीन में किसी तरह की गड़बड़ी होने के आरोपों से इनकार किया है। प्रबंधन का कहना है कि पंप पर लगी मशीनें निर्धारित मानकों के अनुसार काम कर रही हैं।

ऐसे में फिलहाल दोनों पक्षों के दावे सामने हैं। ग्राहक मशीन की रीडिंग पर सवाल उठा रहा है, जबकि पेट्रोल पंप प्रबंधन ने किसी गड़बड़ी से इनकार किया है।

ग्राहक ने की निष्पक्ष जांच की मांग

अनुपम खूंटे ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप की मशीन की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि कार की बताई गई टंकी क्षमता और मशीन में दर्ज पेट्रोल की मात्रा में अंतर किस वजह से आया।

नापतौल विभाग की जांच भी अहम

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी पेट्रोल पंप की मशीनों और माप व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। मामले में नापतौल विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पेट्रोल पंपों पर ईंधन की माप और मशीनों की वैधता की जांच इसी तरह की प्रक्रिया के तहत की जाती है।

बताया जा रहा है कि जिले में फिलहाल संबंधित नापतौल विभाग के अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब तकनीकी परीक्षण और जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पेट्रोल की मात्रा में कथित अंतर मशीन की तकनीकी समस्या, माप व्यवस्था या किसी अन्य कारण से हुआ।

फिलहाल इस मामले में यह कहना जल्दबाजी होगी कि पेट्रोल पंप पर वास्तव में अधिक पेट्रोल की आपूर्ति हुई थी या मशीन की रीडिंग में कोई तकनीकी समस्या थी। जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

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