बच्चा चोरी की अफवाह से मचा बवाल;वीडियो वायरल, जानिए पूरा मामला

नंदौरी गांव में महिलाओं को भीड़ ने घेरा, पुलिस ने बच्चा चोरी की बात नकारी; पैसे मांगने के विवाद की जांच जारी
भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई-तीन थाना क्षेत्र के नंदौरी गांव में पांच महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें ग्रामीणों की भीड़ महिलाओं को घेरकर मारपीट करती दिखाई दे रही है। शुरुआत में गांव में बच्चा चोरी की आशंका को लेकर चर्चा फैल गई, लेकिन पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए विवाद की वजह पैसे मांगने को बताया है।
बच्चा चोरी के संदेह में जुटी भीड़
जानकारी के अनुसार, पांचों महिलाएं ऑटो रिक्शा से नंदौरी गांव पहुंची थीं। कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि महिलाएं पहले भी गांव में आई थीं। इसी दौरान बच्चों के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण एकत्र हो गए। बच्चा चोरी की आशंका के बीच भीड़ ने महिलाओं को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों ने दो अन्य पुरुषों के साथ होने का भी आरोप लगाया, जो कथित तौर पर भीड़ जुटने के बाद वहां से चले गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने महिलाओं को सुरक्षित निकाला
घटना की सूचना मिलने पर भिलाई-तीन थाना पुलिस गांव पहुंची और महिलाओं को भीड़ से निकालकर थाने ले गई। ग्रामीणों ने महिलाओं के निवास स्थान के बारे में अलग-अलग जानकारी देने का आरोप लगाया। वहीं, शुरुआती पुलिस जांच में उनके दुर्ग जिले के जेवरा-सिरसा क्षेत्र की निवासी होने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, बच्चा चोरी का मामला नहीं
छावनी नगर पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह पैकरा के अनुसार, घटना बच्चा चोरी से जुड़ी नहीं है। सरपंच की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ महिलाएं जबरन घरों में घुसकर पैसे मांग रही थीं। इसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो बाद में मारपीट में बदल गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया है और तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
अफवाह के आधार पर कानून हाथ में लेना गलत
बच्चा चोरी जैसी अफवाहें कई बार लोगों में डर और आक्रोश पैदा कर सकती हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति पर संदेह होने मात्र से उसके साथ मारपीट करना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में पुलिस को सूचना देना और जांच का इंतजार करना जरूरी है। नंदौरी की घटना में भी पुलिस जांच के बाद ही विवाद से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।












