FeatureInternationalLatestNational

Quantum Computing के खतरे से निपटने की तैयारी, Quantum-Safe Cybersecurity के लिए ₹200 करोड़ की फंडिंग

ई दिल्ली। Quantum Computing के तेजी से विकसित होते क्षेत्र के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर दुनियाभर में नई रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। इसी दिशा में Quantum-Safe Cybersecurity को मजबूत करने के लिए करीब ₹200 करोड़ की फंडिंग चर्चा में है। इसका उद्देश्य भविष्य में Quantum Computers से पैदा होने वाले संभावित साइबर सुरक्षा जोखिमों से डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित बनाना है।

 Quantum Computer क्यों बन सकता है Cybersecurity के लिए चुनौती?

आज इंटरनेट पर डेटा की सुरक्षा के लिए कई तरह की Encryption Technologies का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन भविष्य में बेहद शक्तिशाली Quantum Computers कुछ मौजूदा encryption methods को कमजोर करने में सक्षम हो सकते हैं।

इसी संभावित खतरे को देखते हुए ऐसी सुरक्षा तकनीक विकसित की जा रही है, जो Quantum Computing के दौर में भी डेटा और डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित रख सके।

 क्या है Quantum-Safe Cybersecurity?

Quantum-Safe Cybersecurity का उद्देश्य ऐसे encryption और security systems तैयार करना है जिन्हें भविष्य के Quantum Computers के सामने भी सुरक्षित माना जाए। इसे Post-Quantum Cryptography (PQC) से भी जोड़ा जाता है।

इस तकनीक का इस्तेमाल सरकारी सिस्टम, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, हेल्थ डेटा और दूसरे संवेदनशील डिजिटल नेटवर्क की सुरक्षा में महत्वपूर्ण हो सकता है।

 ₹200 करोड़ के निवेश से Research को मिल सकता है बढ़ावा

Quantum-safe security में निवेश बढ़ने से Research & Development, नई Cybersecurity Technologies और Skilled Professionals तैयार करने में मदद मिल सकती है। इससे भारत में Quantum Technology और Cybersecurity के क्षेत्र में innovation को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

भारत में Digital Payments, Online Banking, Cloud Services और सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भविष्य के साइबर खतरों से निपटने के लिए अभी से सुरक्षित infrastructure तैयार करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Quantum-safe technologies पर काम करने से भारत अपने महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा को भविष्य के संभावित cyber attacks से सुरक्षित रखने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button