डेढ़ महीने बाद भी नियुक्ति नहीं, अतिथि व्याख्याताओं ने मंत्रालय घेरा; कॉलेजों में पढ़ाई ठप

रायपुर। सरकारी कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति में देरी और सेवा से जुड़ी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याता पीएचडी-नेट कल्याण संघ ने बुधवार को मंत्रालय का घेराव किया। प्रदेशभर से आए अतिथि व्याख्याताओं ने कई घंटे तक प्रदर्शन किया।
उनकी मांग थी कि वे शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन सौंपें, लेकिन काफी देर तक कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंप दिया। अतिथि व्याख्याताओं ने बताया कि शासकीय कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से शुरू हो चुका है। छात्र कॉलेज पहुंच रहे हैं, लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद भी पिछले सत्र में काम कर चुके कई अतिथि व्याख्याताओं को दोबारा नियुक्ति नहीं मिली है। इससे कई कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
राज्य सरकार ने 17 जुलाई 2026 को अतिथि व्याख्याता नीति-2024 (संशोधित-2026) जारी की थी। संघ का कहना है कि नीति जारी होने के बाद भी उच्च शिक्षा विभाग की ओर से पिछले सत्र में काम कर चुके अतिथि व्याख्याताओं को दोबारा काम पर बुलाने के निर्देश कॉलेजों को नहीं मिले हैं। उच्च शिक्षा संचालनालय ने बताया कि नियुक्ति के आदेश जारी करने के लिए अभी वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार है।
अतिथि व्याख्याताओं का कहना है कि नीति में 11 महीने तक काम करने का प्रावधान है, लेकिन हर साल नियुक्ति प्रक्रिया में देरी होती है। नई नीति में 400 रुपए का अतिरिक्त भत्ता खत्म करने पर भी आपत्ति जताई गई है। संघ ने सहायक प्राध्यापक भर्ती में लंबे समय से पढ़ा रहे अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव को महत्व देने की भी मांग की है।












