तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए बड़ी राहत, 169 परिवारों के खाते में पहुंचे ₹2.42 करोड़; जानिए किसे कितनी सहायता

राजमोहिनी देवी सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत सीधे बैंक खातों में हुआ डिजिटल भुगतान, मृत्यु और विकलांगता के मामलों में परिवारों को मिली आर्थिक सहायता
रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश के 169 परिवारों को कुल 2 करोड़ 42 लाख 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह राशि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा हितग्राहियों के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से सीधे अंतरित की गई।
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को परिवार के मुखिया की मृत्यु या विकलांगता जैसी संकटपूर्ण परिस्थितियों में आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है।
दो जिलों से शुरू हुआ डिजिटल भुगतान
राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा सहायता राशि जारी करने की शुरुआत रायगढ़ और दंतेवाड़ा जिले के हितग्राहियों के खातों में भुगतान के साथ की गई। रायगढ़ जिले की चिमटापानी समिति के मिथिलेश सिदार और दंतेवाड़ा जिले की नकुलनार समिति के गल्ले वीटी के बैंक खातों में राशि अंतरित की गई।
इसके बाद योजना के अंतर्गत स्वीकृत अन्य प्रकरणों में भी सहायता राशि का डिजिटल भुगतान किया गया।
किस मामले में कितनी राशि मिली?
169 प्रकरणों में अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
- दुर्घटना में मृत्यु: 4 प्रकरणों में 4-4 लाख रुपये
- सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता: 103 प्रकरणों में 2-2 लाख रुपये
- 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता: 4 प्रकरणों में 75-75 हजार रुपये
- 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में सामान्य मृत्यु: 58 प्रकरणों में 30-30 हजार रुपये
इस तरह अलग-अलग आयु वर्ग और परिस्थितियों के अनुसार परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
18 से 50 वर्ष की आयु में योजना के प्रावधान
राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग में परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है।
वहीं दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये, स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
50 से 59 वर्ष के संग्राहकों के लिए भी सहायता
योजना में 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग के तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए भी अलग सहायता राशि निर्धारित है। इस आयु वर्ग में सामान्य मृत्यु होने पर 30 हजार रुपये, दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 75 हजार रुपये तथा आंशिक विकलांगता पर 37,500 रुपये की सहायता का प्रावधान है।
संकट के समय परिवारों को आर्थिक सहारा
तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों के लिए परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु या विकलांगता आर्थिक संकट का कारण बन सकती है। ऐसे समय में योजना के माध्यम से सीधे बैंक खाते में सहायता राशि पहुंचाने का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक संबल उपलब्ध कराना है।
राज्य लघु वनोपज संघ के मुख्य कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा और प्रबंध संचालक संजीता गुप्ता की उपस्थिति में सहायता राशि जारी की गई।
राज्य सरकार और लघु वनोपज संघ की इस योजना के जरिए तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में आर्थिक सहायता सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाई जा रही है।












