
दिल्ली की ब्रॉडवे रामलीला में तकनीक और परंपरा का संगम, 100 से ज्यादा कलाकार दिखाएंगे रामायण की भव्य कथा
दिल्ली के पीतमपुरा स्थित नेताजी सुभाष प्लेस में इस बार ब्रॉडवे रामलीला अपने भव्य मंच, आधुनिक तकनीक और नए दृश्य प्रभावों के कारण आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 14 से 19 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), विशाल एलईडी स्क्रीन, संगीत और नृत्य के जरिए रामायण की कथा को नए अंदाज में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, इस बार करीब 70 प्रतिशत ग्राफिक्स नए तैयार किए गए हैं। वहीं, दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
200 फुट के मंच पर दिखेगी रामायण की भव्य दुनिया
ब्रॉडवे रामलीला में इस बार दर्शकों को बड़े पर्दे पर रामायण के प्रसंगों का भव्य दृश्य अनुभव देने की तैयारी की गई है। आयोजन के लिए 200 फुट लंबा मंच और इतनी ही बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। प्रस्तुति में 100 से अधिक कलाकार हिस्सा ले रहे हैं और पूरा कार्यक्रम करीब तीन घंटे का है।
राजेंद्र मित्तल की परिकल्पना एवं रचना और शशिधरन नायर के निर्देशन में तैयार इस रामलीला में तकनीक का इस्तेमाल केवल दृश्य सजावट के लिए नहीं, बल्कि कथा को प्रभावशाली बनाने के लिए किया गया है। ग्राफिक डिजाइनर सौरभ मित्तल के मुताबिक, एआई की मदद से दृश्य प्रभावों को बेहतर बनाया गया है, ताकि दर्शक रामायण के पौराणिक परिवेश को महसूस कर सकें।
दादाजी और लव-कुश के संवादों से जुड़ेगी नई पीढ़ी
इस बार की प्रस्तुति में रामायण के शाश्वत मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है। कथा में दादाजी और उनके पोतों लव-कुश के संवादों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों और उनसे मिलने वाली सीख को सामने रखा गया है।
आयोजकों का उद्देश्य है कि दर्शक केवल भव्य दृश्य और मनोरंजन ही न देखें, बल्कि भगवान राम के आदर्शों, मर्यादा, कर्तव्य और पारिवारिक मूल्यों को भी समझें।
संगीत, नृत्य और वेशभूषा में भी नया अंदाज
ब्रॉडवे रामलीला में इस बार संगीत और नृत्य को भी नए रूप में तैयार किया गया है। नृत्य निर्देशक पपिहा देसाई के अनुसार, शुरुआती नृत्य प्रस्तुति में बदलाव किए गए हैं। कलाकारों की वेशभूषा और आभूषणों को भी नए अंदाज में तैयार किया गया है।
संगीत निर्देशन चंद्र कमल और भारत कमल ने किया है। कार्यक्रम में 20 मौलिक संगीत रचनाएं शामिल हैं। इसके अलावा उदित नारायण और कैलाश खेर जैसे गायकों की आवाजें प्रस्तुति को खास बनाती हैं।
रोजाना 6 से 7 हजार दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद
आयोजकों को उम्मीद है कि प्रतिदिन करीब 6 से 7 हजार लोग रामलीला देखने पहुंचेंगे। इतनी बड़ी संख्या में दर्शकों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
आयोजन समिति के मुताबिक, परिसर में 150 से 200 सुरक्षाकर्मी, बाउंसर, गार्ड और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। निगरानी के लिए 25 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग एक महीने तक सुरक्षित रखी जाती है।
मेले और झूलों के बजाय रामकथा पर रहेगा पूरा ध्यान
कई रामलीला आयोजनों में मेले, झूले और मनोरंजन के दूसरे साधन भी आकर्षण का हिस्सा होते हैं, लेकिन ब्रॉडवे रामलीला में इस बार रामकथा पर ही मुख्य ध्यान रखा गया है। यहां बड़े मेले और पारंपरिक झूलों की व्यवस्था नहीं की गई है।
दर्शक राम जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक की कथा देख सकेंगे। लोगों की सुविधा के लिए मोबाइल शौचालय, एंबुलेंस और दमकल की व्यवस्था भी की गई है। आयोजकों का कहना है कि प्रस्तुति निर्धारित समय पर शुरू और समाप्त करने की योजना है।
कब तक चलेगी ब्रॉडवे रामलीला?
पीतमपुरा के नेताजी सुभाष प्लेस में ब्रॉडवे रामलीला का आयोजन 14 से 19 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। आर्यन हेरिटेज फाउंडेशन की ओर से प्रस्तुत इस कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक रामकथा को एक साथ लाने का प्रयास किया गया है।
इस बार विशाल मंच, नए ग्राफिक्स, मौलिक संगीत और सुरक्षा व्यवस्था के चलते यह आयोजन दिल्ली की प्रमुख रामलीलाओं में चर्चा का विषय बना हुआ है।












