विधानसभा में सरकार ने बताया—3,318 गैजेटेड, 24,427 नॉन-गैजेटेड और 11,127 एमटीएस पद रिक्त;
स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा 12,797 पद खाली
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए विधानसभा में सामने आए आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। सरकार ने बताया है कि विभिन्न सरकारी विभागों में कुल 38,872 पद खाली हैं। इनमें 3,318 गैजेटेड, 24,427 नॉन-गैजेटेड और 11,127 मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) के पद शामिल हैं।
यह जानकारी विधायक इरफान हाफिज लोन के तारांकित प्रश्न के जवाब में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में दी गई। रिक्त पदों का यह आंकड़ा ऐसे समय सामने आया है जब बड़ी संख्या में युवा सरकारी भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा रिक्तियां
विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा 12,797 पद खाली हैं। इनमें 2,125 गैजेटेड, 8,064 नॉन-गैजेटेड और 2,608 एमटीएस पद शामिल हैं।
इसके बाद कृषि उत्पादन, पशु एवं भेड़ पालन तथा बागवानी क्षेत्र में 4,939 पद, लोक निर्माण विभाग में 2,190, वित्त विभाग में 1,829 और वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग में 1,619 पद रिक्त हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में 1,787, स्कूल शिक्षा में 1,364, युवा सेवा एवं खेल में 1,369, बिजली विकास विभाग में 1,264, आवास एवं शहरी विकास में 941 और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में 836 पद खाली बताए गए हैं।
दो साल में जेकेपीएससी को भेजे गए 2,150 पद
सरकार के अनुसार पिछले दो वर्षों में 2,150 पद जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) को भर्ती के लिए भेजे गए। इनमें स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के 794, स्कूल शिक्षा के 594 और उच्च शिक्षा के 286 पद शामिल हैं।
वहीं वर्ष 2024 में जेकेएसएसबी को 11,582 पद भर्ती के लिए भेजे गए थे। इनमें गृह विभाग के अकेले 9,360 पद शामिल थे। वर्ष 2025 में जेकेएसएसबी को 6,340 पद रेफर किए गए, जिनमें गृह विभाग के 2,766, वित्त विभाग के 1,217, सामान्य प्रशासन विभाग के 869 और स्वास्थ्य विभाग के 610 पद शामिल थे।
अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी नजर
सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी भी हैं जो अस्थायी, कैजुअल, मौसमी, संविदा या जरूरत के आधार पर काम कर रहे हैं। इनके नियमितीकरण का मुद्दा भी सरकार के सामने है।
सरकार ने बताया कि 19 मार्च 2025 के सरकारी आदेश संख्या 384-जेके(जीएडी) के तहत गठित समिति इस मामले की समीक्षा कर रही है। समिति नियमितीकरण के मानवीय, कानूनी और वित्तीय पहलुओं का अध्ययन कर रही है।
सरकार के मुताबिक किसी भी प्रस्तावित नीति को मौजूदा कानून, न्यायिक स्थिति और भर्ती नियमों के अनुरूप होना होगा। इसके साथ ही नियमितीकरण से पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया में तेजी पर जोर
सरकार ने कहा है कि रिक्त पदों की पहचान कर उन्हें समय पर भर्ती एजेंसियों को भेजने, भर्ती प्रक्रिया की निगरानी और विभागों तथा भर्ती एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।
प्रत्यक्ष भर्ती कोटे के पदों को समय पर जेकेपीएससी और जेकेएसएसबी को भेजने के लिए विभागों को निर्देश भी जारी किए गए हैं।
न्यूनतम मजदूरी के अनुसार भुगतान
दैनिक वेतनभोगी, कैजुअल और मौसमी श्रमिकों के भुगतान को लेकर सरकार ने कहा कि उन्हें नियुक्ति की शर्तों और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार भुगतान किया जा रहा है। दैनिक वेतनभोगी तथा कैजुअल-मौसमी श्रमिकों को सरकार द्वारा अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी के अनुसार भुगतान किया जा रहा है।
38,872 रिक्त पदों का आंकड़ा जम्मू-कश्मीर के सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी को सामने रखता है। अब इन पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है, इस पर नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं की नजर रहेगी।












