
छत्तीसगढ़ में गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रख रही हैं। हालांकि, प्रदेश में मौसम ने त्योहार के उत्साह के बीच चंद्र दर्शन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रायपुर समेत कई इलाकों में बीते 24 घंटे से बारिश और बादलों का दौर जारी है।
आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से महिलाओं के मन में सवाल है कि रात में चांद दिखाई देगा या नहीं। करवा चौथ की पूजा में चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलने की परंपरा है, इसलिए मौसम की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
बारिश के कारण चंद्र दर्शन में आ सकती है परेशानी
प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश होने की खबर है। मौसम विभाग की ओर से कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बादलों के कारण चांद देखने में परेशानी हो सकती है।
हालांकि, चांद दिखाई देगा या नहीं, यह स्थानीय मौसम और बादलों की स्थिति पर निर्भर करेगा। इसलिए महिलाओं को अपने क्षेत्र के मौसम की जानकारी पर भी ध्यान देना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य ने बताया चंद्रोदय का संभावित समय
रायपुर के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रियशरण त्रिपाठी के अनुसार, करवा चौथ पर चंद्रोदय का संभावित समय रात 8:15 से 8:20 बजे के बीच बताया गया है। यह समय स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है और बादलों के कारण चंद्र दर्शन में देरी भी हो सकती है।
करवा चौथ पर व्रती महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करती हैं और इसके बाद पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं।
पांच शुभ संयोग में मनाया जा रहा करवा चौथ
पंचांग के अनुसार, करवा चौथ कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं।
करवा चौथ की पूजा विधि क्या है?
करवा चौथ की पूजा में भगवान गणेश, माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना की जाती है। परंपरा के अनुसार, व्रती महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती हैं और पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं।
चंद्र दर्शन के बाद छलनी से चांद और पति का चेहरा देखने की परंपरा है। इसके बाद पति के हाथ से पानी ग्रहण करके व्रत खोला जाता है। पूजा की विधि परिवार और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ में करवा चौथ के दिन मौसम की स्थिति के कारण चंद्र दर्शन को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। रात में आसमान साफ रहने पर ही चांद के दर्शन आसानी से हो सकेंगे।












