
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में बिना फाटक वाली रेलवे क्रॉसिंग पर लोको ट्रेन और पिकअप वाहन के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में 25 वर्षीय रवि बर्मन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिकअप में सवार छह अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और रवि का शव वाहन में फंस गया। उसे निकालने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी।
यह दुर्घटना गुरुवार रात करीब 11 बजे चचाई थाना क्षेत्र के संजय नगर श्रमिक कॉलोनी में हुई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बिना फाटक वाली रेल क्रॉसिंग पर हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डीजे का सामान छोड़कर गांव लौट रहे थे युवक
जानकारी के अनुसार, पिकअप में सवार सातों युवक संजय नगर में डीजे का सामान छोड़कर अपने गांव चकेठी लौट रहे थे। इसी दौरान डबल स्टोरी क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार के पास अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र चचाई की रेल लाइन पार करते समय उनका वाहन लोको ट्रेन की चपेट में आ गया।
बताया गया कि लोको ट्रेन कोयला लेने के लिए बंगवार-संगमा साइडिंग की ओर जा रही थी। इसी दौरान ट्रेन और पिकअप के बीच जोरदार टक्कर हुई। हादसे के बाद स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए।
एक की मौत, छह युवक घायल
इस दुर्घटना में चकेठी निवासी रवि बर्मन (25), पिता स्वर्गीय लाल बर्मन की जान चली गई। टक्कर के बाद उनका शव पिकअप में फंस गया था, जिसे जेसीबी की सहायता से बाहर निकाला गया।
हादसे में अर्जुन कोल (17), विकास सिंह (22), शिवम बैगा (18), कन्हैया बर्मन (25), करन कोल (19) और राजेश सिंह (26) घायल हुए हैं। सभी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर अंधेरा था और लोको ट्रेन का हॉर्न सुनाई नहीं दिया। हालांकि, इस दावे और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।
बिना फाटक की क्रॉसिंग पर सुरक्षा के सवाल
हादसे के बाद संजय नगर में रेल लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। दुर्घटनास्थल के दोनों ओर कोयला कर्मचारियों के आवास हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। स्थानीय लोगों की रोजाना आवाजाही के बावजूद यहां फाटक और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र से कोयला परिवहन के लिए लोको ट्रेन का संचालन किया जाता है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्थानों पर फाटक लगाने की स्वीकृति दिए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर फाटक नहीं होने के आरोप हैं। इन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी की जांच जरूरी है।
चालक फरार, परिजन मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़े
हादसे के बाद लोको ट्रेन का चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर देर रात एसडीएम प्राशी अग्रवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
वहीं, रवि के परिजनों ने मुआवजा देने और उनके एक भाई को पावर हाउस में नौकरी देने की मांग की है। मांगों को लेकर परिजनों के अड़े रहने के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
लोको ट्रेन के संचालन की व्यवस्था पर भी सवाल
दुर्घटना के बाद लोको ट्रेन के संचालन और लोको पायलट उपलब्ध कराने वाली ठेका व्यवस्था को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। बताया गया है कि लोको पायलट उपलब्ध कराने वाली कंपनी एमके ट्रेडर्स के संचालक पिछले करीब एक साल से लकवाग्रस्त हैं। आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में व्यवस्था संभालने वाले लोग मजदूरों का शोषण कर रहे हैं।
इसके अलावा, कुछ लोको पायलटों की उम्र 60 वर्ष से अधिक होने और उनकी सुनने व देखने की क्षमता कमजोर होने के दावे भी किए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
फिलहाल इस हादसे ने रेल लाइन पर सुरक्षा, चेतावनी संकेतों और फाटक की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्घटना के कारणों की जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।












