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नेपाल में फिर बाढ़ का कहर, घर और पुल बह गए; 5 लोग लापता, 95 लोगों को बचाया गया

नेपाल के गोर्खा जिले में भूस्खलन से रुकी बूढ़ी गंडकी नदी का पानी अचानक बहा, कई गांव प्रभावित; सेना हेलीकॉप्टर से चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन

काठमांडू। नेपाल में एक बार फिर प्राकृतिक आपदा ने तबाही मचा दी है। रविवार, 11 अक्टूबर को देश के मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्र में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से कई मकान, पुल और बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। सोमवार, 12 अक्टूबर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पांच लोग अब भी लापता हैं, जबकि 95 लोगों को सुरक्षित निकालकर आसपास के कस्बों तक पहुंचाया गया है। इनमें नौ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। फिलहाल इस घटना में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। बचाव दल प्रभावित इलाकों तक पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं।

भूस्खलन से नदी का रास्ता रुका, फिर अचानक आया पानी

यह घटना नेपाल के गोर्खा जिले के चुमनुब्री क्षेत्र में हुई। अधिकारियों के मुताबिक, भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का प्रवाह कुछ समय के लिए बाधित हो गया था। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ा और अचानक तेज बहाव नीचे की ओर फैल गया। इससे नदी के किनारे बसे गांवों में अफरा-तफरी मच गई।

बाढ़ के पानी के साथ मिट्टी और मलबा भी बहकर आया। कई जगह मकान और खेत प्रभावित हुए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तेज बहाव के बीच घरों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचते दिखाई देने की खबरें हैं।

मकान, पुल और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को नुकसान

बाढ़ ने स्थानीय संपर्क व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। एसोसिएटेड प्रेस की 12 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पांच पुल क्षतिग्रस्त हुए या बह गए। तीन जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण स्थलों को भी नुकसान पहुंचा है। कई मकान और खेत प्रभावित हुए हैं।

गोर्खा और पड़ोसी धादिंग जिले को जोड़ने वाला एक राजमार्ग पुल भी बाढ़ की चपेट में आया। इससे प्रभावित इलाकों तक पहुंचने और राहत सामग्री पहुंचाने में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नुकसान का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है।

नेपाली सेना ने संभाला मोर्चा, हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जा रही मदद

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली सेना और अन्य बचाव दलों को तैनात किया गया है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। प्रभावित लोगों को भोजन, दवाइयां, तंबू और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है।

प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। गोर्खा के अलावा तनहूं, चितवन, पूर्वी नवलपरासी और पश्चिमी नवलपरासी जिलों में भी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।

अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद फिर बढ़ी चिंता

नेपाल अभी अगस्त में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी से उबर भी नहीं पाया है। उस आपदा में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग लापता हो गए थे। कई घरों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा था। ऐसे में अक्टूबर में फिर आई बाढ़ ने प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

बूढ़ी गंडकी नदी आगे चलकर त्रिशूली नदी से मिलती है। इसी वजह से प्रशासन नदी के निचले इलाकों में भी स्थिति पर नजर रख रहा है और लोगों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल क्या है ताजा स्थिति?

12 अक्टूबर की ताजा उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पांच लोगों का पता नहीं चल पाया है और 95 लोगों को प्रभावित क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। बचाव एवं राहत अभियान जारी है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चेतावनी मिलने के कारण कई लोग समय रहते ऊंचे स्थानों पर पहुंच गए थे, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि टलने में मदद मिली।

 

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