
इस्तीफे के बाद बोले वड़िंग- अभी कुछ नहीं कहना, सही समय आने पर बताऊंगा; सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद संगठन में बदलाव की चर्चा तेज
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव हुआ है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकता है।
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदेश संगठन को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने हाल के दिनों में व्यापक फीडबैक लिया था। पंजाब के नए प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और संगठन से जुड़े लोगों के साथ बातचीत के बाद अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी थी।
इस्तीफे पर वड़िंग ने साधी चुप्पी
राजा वड़िंग अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर लौटे तो मीडियाकर्मियों ने उनसे इस्तीफे और पंजाब कांग्रेस में होने वाले संभावित बदलाव को लेकर सवाल किया। हालांकि उन्होंने इस मामले पर विस्तार से कुछ भी कहने से इनकार किया।
वड़िंग ने कहा कि अभी वह किसी बात पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने संकेत दिया कि जब उचित समय आएगा, तब वह इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल कुछ बातें अंदरूनी हैं।
चन्नी ने कहा- फैसला हाईकमान का अधिकार
राजा वड़िंग को बदले जाने की चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। चन्नी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत पार्टी हाईकमान का अधिकार है।
चन्नी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ही तय करेगा कि बदलाव की जरूरत है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन में फेरबदल होते रहते हैं। वहीं, सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने पर उन्होंने कहा कि उनके आने से कार्यकर्ताओं में उम्मीद जगी है।
सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद तेज हुआ घटनाक्रम
राजा वड़िंग के इस्तीफे के घटनाक्रम को सचिन पायलट की पंजाब में संगठनात्मक समीक्षा से भी जोड़ा जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब का प्रभारी बनाए जाने के बाद पायलट ने वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत की थी। इसके बाद उन्होंने हाईकमान को संगठन की स्थिति को लेकर अपनी रिपोर्ट दी।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से संगठनात्मक मतभेद और विभिन्न नेताओं के बीच खींचतान की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि इन आंतरिक मतभेदों की अलग-अलग नेताओं की ओर से अलग-अलग व्याख्या की गई है।
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में
राजा वड़िंग के बाद पंजाब कांग्रेस की कमान किसे दी जाएगी, इसे लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कुछ अन्य नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के रूप में बताए गए हैं। हालांकि अभी तक कांग्रेस ने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बदलाव को चुनावी तैयारी से पहले महत्वपूर्ण संगठनात्मक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। अब कांग्रेस हाईकमान के सामने नए अध्यक्ष के चयन के साथ प्रदेश संगठन में समन्वय और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंजाब कांग्रेस की अगली कमान किस नेता के हाथ में जाएगी? इसका जवाब हाईकमान की आगामी घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।












