भाठागांव सब्जी बाजार में बवाल! निगम टीम और व्यापारियों में झड़प, कई घायल होने का दावा

बाजार हटाने पहुंची नगर निगम की टीम का व्यापारियों से विवाद, निगम कर्मचारियों ने थाने पहुंचकर शिकायत दी; एक दिन पहले ही व्यापारियों ने किया था प्रदर्शन
रायपुर। भाठागांव सब्जी बाजार में बुधवार को नगर निगम की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। बाजार हटाने पहुंची नगर निगम की टीम और व्यापारियों के बीच विवाद के बाद हाथापाई की स्थिति बन गई। निगम पक्ष का दावा है कि घटना में 4 से 5 निगम कर्मचारी और एक पुलिस जवान घायल हुए हैं। हालांकि, घायलों की संख्या और उनकी चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही। नगर निगम का अमला शिकायत लेकर पुरानी बस्ती थाने पहुंचा, जहां मामले में FIR की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस बल के साथ बाजार पहुंची थी निगम की टीम
मिली जानकारी के मुताबिक नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ भाठागांव सब्जी बाजार पहुंची थी। यहां बाजार हटाने की कार्रवाई के दौरान निगम अमले और व्यापारियों के बीच विवाद शुरू हो गया।
कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई के आरोप सामने आए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
निगम कर्मचारियों ने थाने में दी शिकायत
घटना के बाद नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी पुरानी बस्ती थाने पहुंचे। निगम की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है।
अब पुलिस शिकायत, मौके की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच करेगी। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि घटना में किन लोगों की भूमिका रही और किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एक दिन पहले व्यापारियों ने निगम मुख्यालय में किया था प्रदर्शन
भाठागांव बाजार को लेकर विवाद बुधवार की कार्रवाई से एक दिन पहले ही सामने आ चुका था। मंगलवार को बाजार के व्यापारियों ने नगर निगम मुख्यालय में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया था।
व्यापारियों ने बाजार से बेदखली और चबूतरों के लॉटरी आवंटन को लेकर सवाल उठाए थे। प्रदर्शन का नेतृत्व नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने किया था।
इसके बाद व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त समित मिश्रा से मुलाकात भी की थी।
7 दिन में दस्तावेज देने का मिला था आश्वासन
व्यापारी प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, निगम आयुक्त ने लॉटरी आवंटन से जुड़े दस्तावेज और वीडियोग्राफी 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने तथा स्थल निरीक्षण का आश्वासन दिया था।
इसके अगले ही दिन बाजार हटाने की कार्रवाई के दौरान विवाद और मारपीट के आरोप सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के दावों और आधिकारिक जानकारी के बीच अंतर है। निगम की ओर से कर्मचारियों और पुलिस जवान के घायल होने की बात कही गई है, लेकिन घायलों की वास्तविक संख्या और चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, हाथापाई की स्थिति किन परिस्थितियों में बनी और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।












