भिलाई में गणेश उत्सव का अलग रंग, सेक्टर-10 में कैलाश-केदारनाथ के साथ दंतेवाड़ा की झलक

सेक्टर-2 में तारापीठ की थीम, सेक्टर-10 में कैलाश पर्वत, केदारनाथ धाम और बस्तर के दंतेवाड़ा की संस्कृति का संगम
भिलाई। गणेशोत्सव 2026 में भिलाई के सेक्टर-2 और सेक्टर-10 के पंडालों ने अपनी अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक थीम से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सेक्टर-2 में जहां पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध तारापीठ की झलक देखने को मिली, वहीं सेक्टर-10 में कैलाश पर्वत और केदारनाथ धाम के साथ छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की पहचान दंतेवाड़ा की थीम को भी पंडाल का हिस्सा बनाया गया है।
सेक्टर-10 में कैलाश-केदारनाथ के साथ दंतेवाड़ा की झलक
भिलाई के सेक्टर-10 का गणेश पंडाल इस बार कई धार्मिक और सांस्कृतिक रंगों को एक साथ प्रस्तुत कर रहा है। पंडाल की थीम में भगवान शिव से जुड़े कैलाश पर्वत और केदारनाथ धाम की झलक दिखाई गई है।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और बस्तर की पहचान को सामने लाने के लिए दंतेवाड़ा थीम को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।

दंतेवाड़ा बस्तर अंचल का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र है। यहां स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ की धार्मिक परंपरा में विशेष स्थान रखता है। गणेशोत्सव के पंडाल में दंतेवाड़ा की थीम जोड़कर आयोजकों ने प्रदेश की स्थानीय संस्कृति और धार्मिक विरासत को भी लोगों के सामने रखने का प्रयास किया है।
एक ही पंडाल में कैलाश पर्वत, केदारनाथ धाम और बस्तर-दंतेवाड़ा की झलक श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का विषय बनी हुई है। धार्मिक आस्था के साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को जोड़ने की यह प्रस्तुति गणेशोत्सव को एक अलग स्वरूप देती है।
सेक्टर-2 में तारापीठ की थीम
वहीं सेक्टर-2 में न्यू आजाद गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश उत्सव का 42वां आयोजन किया जा रहा है। यहां पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध तारापीठ स्थित मनोकामना मंदिर की थीम पर पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल में धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों को बचाने का संदेश भी दिया गया है।

सेक्टर-2 और सेक्टर-10 दोनों जगह गणेश प्रतिमा के साथ पंडाल की थीम को विशेष महत्व दिया गया है। इन आयोजनों में श्रद्धालुओं को धार्मिक दर्शन के साथ अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
भिलाई में दिख रहा धर्म और संस्कृति का संगम
गणेशोत्सव के दौरान भिलाई के अलग-अलग क्षेत्रों में हर वर्ष भव्य पंडाल तैयार किए जाते हैं। इस बार सेक्टर-10 की थीम में उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र को शामिल किया जाना विशेष आकर्षण बना है।
कैलाश पर्वत और केदारनाथ धाम जहां भगवान शिव की धार्मिक आस्था से जुड़े हैं, वहीं दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में एक ही पंडाल में इन अलग-अलग धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों को प्रस्तुत करने से आयोजन को स्थानीय रंग भी मिला है।
गणेशोत्सव 2026 में सेक्टर-2 और सेक्टर-10 के पंडाल भिलाई की धार्मिक आस्था के साथ कला, संस्कृति और स्थानीय विरासत को भी सामने ला रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए ये पंडाल केवल भगवान गणेश के दर्शन का स्थान नहीं, बल्कि अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से देखने का अवसर भी बन रहे हैं।












