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गणपति की मूर्ति पर 66 किलो सोना, 335 किलो चांदी… कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान

मुंबई से हैरान करने वाली तस्वीर, इस गणपति की सुरक्षा के लिए हुआ 703 करोड़ का बीमा

मुंबई। गणेशोत्सव में आपने बड़े-बड़े पंडाल और भव्य गणपति प्रतिमाएं तो खूब देखी होंगी, लेकिन मुंबई के किंग्स सर्कल स्थित जीएसबी सेवा मंडल के महागणपति की भव्यता इस बार खास चर्चा में है। गणपति बप्पा को 66 किलो से ज्यादा सोने और 335 किलो चांदी के आभूषणों से सजाया गया है। इन कीमती आभूषणों और उत्सव से जुड़े जोखिमों को देखते हुए इस साल करीब ₹703.27 करोड़ का बीमा कवर लिया गया है।

सोने-चांदी से सजा बप्पा का दरबार

जीएसबी सेवा मंडल का गणपति मुंबई के सबसे समृद्ध गणपति उत्सवों में गिना जाता है। यहां भगवान गणेश की प्रतिमा को हर साल भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषणों से सजाया जाता है।

2026 में प्रतिमा के श्रृंगार में 66 किलो सोना और 335 किलो चांदी इस्तेमाल की गई है। इसके अलावा आभूषणों में कीमती रत्न भी शामिल हैं।

खास बात यह है कि ये आभूषण किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, वर्षों से श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित किए गए आभूषणों को मंडल के उत्सव में इस्तेमाल किया जाता रहा है।

703 करोड़ का बीमा क्यों?

इतनी बड़ी मात्रा में सोना, चांदी और कीमती सामान होने के कारण उत्सव के दौरान सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी वजह से इस साल ₹703.27 करोड़ का बीमा कवर लिया गया है। यह बीमा केवल प्रतिमा के आभूषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्सव से जुड़े विभिन्न जोखिमों को कवर करता है।

यही आंकड़ा इस गणपति उत्सव को देश के सबसे महंगे और सबसे अधिक बीमित गणपति आयोजनों में शामिल करता है।

गणपति की कीमत कितनी है?

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। ₹703 करोड़ गणपति की मूर्ति की कीमत नहीं है। यह उत्सव और उससे जुड़े जोखिमों के लिए लिया गया बीमा कवर है।

मूर्ति और उसके आभूषणों की वास्तविक बाजार कीमत अलग विषय है। इसलिए सोशल मीडिया पर चलने वाले “703 करोड़ की गणपति मूर्ति” जैसे दावों को सीधे सही मानना ठीक नहीं होगा।

हैदराबाद का गणपति भी चर्चा में

मुंबई के बाद इस साल हैदराबाद का एक गणपति भी अपनी अलग वजह से सुर्खियों में है। बेगम बाजार में स्थापित गणपति प्रतिमा पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई है और इसे 3,83,800 अमेरिकी हीरों से सजाया गया है। प्रतिमा पीतल और पंचधातु से तैयार की गई है।

इसे तैयार करने में आठ कारीगरों ने करीब आठ महीने काम किया और हर पत्थर को हाथ से लगाया गया। प्रतिमा बनाने वालों ने इसकी कथित करोड़ों रुपये की कीमत को लेकर अपुष्ट दावों को आगे न बढ़ाने की अपील भी की है।

मुंबई में एक और विशाल गणपति

मुंबई के साकीनाका इलाके का साकीनाका का महाराजा भी इस साल खास चर्चा में है। इसकी प्रतिमा करीब 48 फीट ऊंची बताई गई है और मीडिया रिपोर्टों में इसकी लागत करीब ₹16 लाख बताई गई है।

इससे साफ है कि गणपति उत्सव में भव्यता का मतलब सिर्फ सोना-चांदी नहीं है। कहीं करोड़ों रुपये के आभूषण हैं तो कहीं विशाल प्रतिमा और विशाल पंडाल श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहे हैं।

देश के चर्चित महंगे गणपति

गणपति खासियत 2026 का प्रमुख आंकड़ा
जीएसबी महागणपति, मुंबई सोना-चांदी से भव्य श्रृंगार 66 किलो सोना
जीएसबी महागणपति, मुंबई चांदी के आभूषण 335 किलो
जीएसबी सेवा मंडल बीमा कवर ₹703.27 करोड़
ली-ची का राजा, हैदराबाद 24 कैरेट सोने की परत 3,83,800 अमेरिकी हीरे
साकीनाका का महाराजा, मुंबई विशाल प्रतिमा 48 फीट

जीएसबी महागणपति, मुंबई

करोड़ों की चमक के पीछे श्रद्धा की कहानी

जीएसबी सेवा मंडल के गणपति की सबसे खास बात केवल सोना और चांदी नहीं है। यहां गणेशोत्सव के दौरान बड़े पैमाने पर अन्नदान और सेवा गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। 2026 में मंडल की ओर से रोजाना हजारों लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

यानी एक तरफ करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति से सजा बप्पा का दरबार है, तो दूसरी तरफ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए भोजन और सेवा की व्यवस्था भी इस उत्सव का हिस्सा है।

ली-ची का राजा, हैदराबाद

क्यों खास है 2026 का गणेशोत्सव?

इस साल मुंबई समेत देशभर में गणेशोत्सव 14 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक मनाया जा रहा है। मुंबई के बड़े गणपति पंडालों में लालबागचा राजा, जीएसबी महागणपति, अंधेरीचा राजा और मुंबईचा राजा जैसे नाम प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।

साकीनाका का महाराजा, मुंबई

 

लेकिन सोने-चांदी के भारी श्रृंगार और ₹703.27 करोड़ के बीमा कवर की वजह से जीएसबी महागणपति इस बार देश के सबसे चर्चित और महंगे गणपति आयोजनों में शामिल हो गया है।

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