आसमान में दिख सकता है बड़ा नजारा! सूर्य से निकला प्लाज्मा पृथ्वी की ओर, 17 सितंबर को पहुंचने की उम्मीद

सूर्य से निकला कोरोनल मास इजेक्शन (CME) पृथ्वी की दिशा में बढ़ रहा है। इसके पहुंचने पर भू-चुंबकीय गतिविधि बढ़ सकती है और कुछ इलाकों में ऑरोरा दिखाई देने की संभावना बन सकती है।
नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026। अंतरिक्ष से जुड़ी एक दिलचस्प खबर सामने आई है। सूर्य पर हुई एक फिलामेंटरी विस्फोट की घटना के बाद अंतरिक्ष में निकला प्लाज्मा का बड़ा गुबार यानी कोरोनल मास इजेक्शन (CME) पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। वैज्ञानिक अनुमान के मुताबिक यह 17 सितंबर को पृथ्वी के आसपास पहुंच सकता है।
सूर्य से निकला है प्लाज्मा का गुबार
CME सूर्य के कोरोना से निकलने वाला आवेशित कणों का विशाल बादल होता है। जब ऐसा पदार्थ पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से संपर्क करता है, तो भू-चुंबकीय गतिविधि बढ़ सकती है।
इसका एक खूबसूरत प्रभाव आसमान में दिखाई देने वाला ऑरोरा हो सकता है। हालांकि इसे कहां और कितनी स्पष्टता से देखा जा सकेगा, यह CME की वास्तविक ताकत और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के साथ उसकी दिशा पर निर्भर करेगा।
17 सितंबर पर नजर
मौजूदा अंतरिक्ष मौसम रिपोर्ट के अनुसार यह CME 17 सितंबर को पृथ्वी तक पहुंच सकता है। वैज्ञानिक लगातार इसकी गति और दिशा पर नजर रख रहे हैं।
सौर गतिविधि बढ़ने पर रेडियो संचार, उपग्रहों और अंतरिक्ष आधारित प्रणालियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है, हालांकि किसी खास तकनीकी प्रणाली पर असर को लेकर पहले से निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।
क्या भारत में दिखाई देगा ऑरोरा?
CME के पृथ्वी तक पहुंचने के बावजूद भारत में ऑरोरा दिखाई देना निश्चित नहीं है। ऐसे प्रकाशीय प्रभाव आमतौर पर उच्च अक्षांश वाले क्षेत्रों में ज्यादा आसानी से दिखाई देते हैं। इसके लिए सौर तूफान की तीव्रता और स्थानीय परिस्थितियां महत्वपूर्ण होंगी।
अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए अगले 24 से 48 घंटे इसलिए खास रह सकते हैं, क्योंकि वैज्ञानिक इस सौर गतिविधि के पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र पर प्रभाव की निगरानी कर रहे हैं।












