3 साल के बच्चे पढ़ाई छोड़कर ये क्या कर रहे हैं? चीन के किंडरगार्टन का वीडियो हुआ वायरल

बच्चों को किताबों के साथ खाना बनाना, बर्तन धोना, बागवानी, सिलाई और पशुओं की देखभाल जैसे रोजमर्रा के काम भी सिखाए जा रहे हैं।
बीजिंग। आमतौर पर किंडरगार्टन में छोटे बच्चों को खेल, कहानी, चित्रकारी और शुरुआती पढ़ाई के जरिए सिखाया जाता है। लेकिन चीन के कुछ किंडरगार्टन से सामने आए वीडियो ने शिक्षा के एक अलग मॉडल को लेकर दुनिया भर में चर्चा छेड़ दी है।
इन वीडियो में 3 से 6 साल तक के बच्चे खाना बनाने, बर्तन धोने, सफाई करने, बागवानी, सिलाई-कढ़ाई और पशुओं की देखभाल जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेते नजर आ रहे हैं।
छोटे चूल्हे पर खाना बनाते बच्चे
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ बच्चे छोटे आकार के कुकिंग स्टेशन पर सब्जियां तैयार करते और साधारण भोजन बनाते दिखाई देते हैं। खाना तैयार करने के बाद बच्चे अपने बर्तन साफ करने और आसपास की जगह व्यवस्थित करने में भी हिस्सा लेते हैं।
इन गतिविधियों का मकसद सिर्फ खाना बनाना सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मनिर्भरता, जिम्मेदारी और टीमवर्क जैसे व्यवहारिक कौशल विकसित करना बताया जा रहा है।
मुर्गी, बत्तख और खरगोश की देखभाल
कुछ किंडरगार्टन में बच्चों को बागवानी और पशुओं की देखभाल से भी जोड़ा गया है। सामने आए वीडियो में बच्चे मुर्गियों, बत्तखों और खरगोशों की देखभाल करते दिखाई देते हैं।
इससे बच्चों को किताबों के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए यह समझने का मौका मिलता है कि पौधे कैसे उगते हैं, भोजन कहां से आता है और जानवरों की देखभाल कैसे की जाती है।
दुनिया में शुरू हुई बहस
इस मॉडल को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग मानते हैं कि छोटी उम्र से ही बच्चों को रोजमर्रा के काम सिखाने से उनमें आत्मविश्वास और जिम्मेदारी बढ़ सकती है।
वहीं, कुछ लोगों ने छोटे बच्चों से खाना बनवाने, उपकरण इस्तेमाल कराने और शारीरिक गतिविधियां कराने को लेकर सुरक्षा और उम्र के अनुरूप प्रशिक्षण पर सवाल उठाए हैं।
चीन के इन वीडियो ने अब एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या किंडरगार्टन की पढ़ाई सिर्फ किताबों और खेलों तक सीमित होनी चाहिए, या बच्चों को छोटी उम्र से ही जिंदगी के जरूरी काम भी सिखाए जाने चाहिए?












